
रायपुर। प्रदेश के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में देश के प्रथम उद्योग मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद एवं राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस कार्य के लिए 32 नगरीय निकायों में कुल 10 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव की घोषणा के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। विभाग ने 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर प्रतिमा स्थापना के लिए आवश्यक प्राविधिक आदेश भी जारी कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित पांच संभागीय मुख्यालयों में प्रतिमा स्थापना एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय वाले 27 नगरीय निकायों, जिनमें चार नगर निगम और 23 नगर पालिकाएं शामिल हैं, के लिए 30-30 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा थे। उन्होंने “एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” के संकल्प को लेकर देश की एकता एवं अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके विचार आज भी समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी देश के सबसे युवा कुलपतियों में से एक थे और शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। प्रमुख नगरीय क्षेत्रों में उनकी प्रतिमाओं की स्थापना से नई पीढ़ी उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा ले सकेगी।
अरुण साव ने बताया कि प्रतिमा स्थापना के साथ परिसर का आकर्षक एवं व्यवस्थित सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा, जिससे शहरों में बेहतर सार्वजनिक स्थल विकसित होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

