
15 अगस्त तक तकनीकी समस्याओं के समाधान का लक्ष्य, लगभग डेढ़ लाख शिक्षक नियमित रूप से दर्ज कर रहे ऑनलाइन उपस्थिति
बीजापुर, 31 जुलाई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि शिक्षक संगठनों एवं शिक्षकों द्वारा वीएसके (VSK) ऐप में आ रही तकनीकी त्रुटियों एवं एरर संबंधी शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीएसके ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। शिक्षकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीम को वीएसके ऐप में आ रही सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 15 अगस्त तक ऐप में मौजूद तकनीकी खामियों का समाधान कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाया जाएगा, ताकि शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मिल सके।
85 प्रतिशत शिक्षक प्रतिदिन दर्ज कर रहे ऑनलाइन उपस्थिति
गजेंद्र यादव ने प्रदेश के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य के लगभग एक लाख 75 हजार शिक्षकों में से करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रतिदिन वीएसके ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। यह लगभग 85 प्रतिशत शिक्षकों की नियमित भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षण कार्य ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार उनके सहयोग, अनुशासन और समर्पण का सम्मान करती है। शिक्षकों के सुझावों और अनुभवों के आधार पर वीएसके ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी तथा प्रभावी बनाया जाएगा।
तकनीकी खामी का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना पड़ेगा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुविधा और हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई आती है, तो उसके हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। किसी भी शिक्षक का वेतन तकनीकी खामी के कारण नहीं काटा जाएगा।
उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे पूर्व की भांति वीएसके ऐप का उपयोग करते रहें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या कोई सुझाव हो तो उसे संबंधित अधिकारियों तक अवश्य पहुंचाएं। सरकार प्रत्येक सुझाव का सकारात्मक परीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा तकनीक-सक्षम बन सके।

