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भारतीय बौद्ध महासभा ने शाहूजी महाराज जयंती पर मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान, बौद्ध धम्म साहित्य भेंट कर बढ़ाया शिक्षा का उत्साह
बिलासपुर छत्तीसगढ़
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
भारतीय बौद्ध महासभा, जिला बिलासपुर द्वारा आरक्षण के जनक छत्रपति शाहूजी महाराज की जिला स्तरीय जयंती डॉ. आम्बेडकर स्कूल, मगरपारा, बिलासपुर में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना तथा शाहूजी महाराज एवं डॉ. बाबा साहब आम्बेडकर के सामाजिक न्याय एवं शिक्षा संबंधी विचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं बौद्ध कल्याण समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष दिपांकर खोब्रागड़े, भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर के जिला अध्यक्ष राजेश हुमने तथा अन्य अतिथियों द्वारा छत्रपति शाहूजी महाराज एवं डॉ. बाबा साहब आम्बेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं बुद्ध वंदना के साथ किया गया।
इस अवसर पर हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बौद्ध धम्म की पुस्तक, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं “शिक्षा रत्न” सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 10वीं के सक्षम मेश्राम (75.1%), सपना भोई (79%), नताशा पात्रे (81%), अंशीका नागदौने (85%), आस्था गलपांडे (85%), आदित्य मेश्राम (87%), लावण्या नायक (90%) एवं अपूर्वा रामटेके (90%) तथा कक्षा 12वीं के सुप्रिया रामटेके (74%), प्रथा ओण्डकार (75%), हिमांशु रामटेके (76%), रुचिका गजभिये (77%), हर्ष अहिरवार (79.8%), मनीष कुमार भीमटे (87.2%) एवं प्रत्युष गेडाम (92.5%) शामिल रहे।
मुख्य अतिथि दिपांकर खोब्रागड़े ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज ने सामाजिक न्याय के साथ-साथ महिला शिक्षा को विशेष महत्व दिया। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी महिलाएँ होती हैं और शिक्षा ही समाज की उन्नति एवं समृद्धि का सबसे सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष राजेश हुमने ने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आगामी परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा शाहूजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम को महेश चन्द्रिकापुरे, सारंगराव हुमने, प्रफुल्ल गेडाम, सुनीता शेन्डे एवं राजा नंदेश्वर ने भी संबोधित किया तथा सभी मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
इस अवसर पर दिपांकर खोब्रागड़े एवं उनके नेतृत्व में राजनांदगांव से पधारी बौद्ध कल्याण समिति की पूरी टीम का भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वारा आत्मीय स्वागत, सत्कार एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सरोज हुमने एवं श्वेता गेडाम ने किया, जबकि मनोज बौद्ध ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राजनांदगांव से सुनीता शेन्डे, कमलेश मेश्राम, दिवाकर शेन्डे, महेन्द्र कुमार रामटेके, प्रवीण गड़े, बंटीदीप रामटेके एवं श्रेष्ठ मेश्राम तथा बिलासपुर से कैलाश गजभिये, दिलीप मेश्राम, राजेश नायक, एस.आर. वाल्के, संतोष खोब्रागड़े, नारायण हुमने, अशोक वाहने, सुखनंदन मेश्राम, कुणाल रामटेके, विनोद ऊके, लोकेश बौद्ध, सरिता कामड़े, प्रेरणा ऊके, नीता हुमने, शैली भीमटे, अनीता देवगड़े, प्रियंका मेश्राम, रूपा मेश्राम, गीता ऊके, सीमा मेश्राम, अनीता भीमटे, वर्षा मेश्राम, अंजना बोरकर, सुजाता खोब्रागड़े, लक्ष्मी वाहने, अनुराधा बोरकर, हेमा रामटेके, संस्कृति रामटेके, सत्यभामा नांदागोरी एवं उजाला चंद्रिकापुरे सहित सैकड़ों उपासक-उपासिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।








