
जागरूकता अभियान का असर, जिला बाल संरक्षण इकाई की त्वरित कार्रवाई से दो मामलों में एफआईआर दर्ज

रायपुर, । बीजापुर जिले में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। कलेक्टर विश्वदीप के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा स्कूलों, ग्राम पंचायतों और विभिन्न समुदायों में नियमित रूप से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान से आम नागरिकों में सजगता बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप बाल अपराधों, विशेषकर पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की शिकायतें अब सीधे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त हो रही हैं।
हाल ही में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त दो अलग-अलग शिकायतों पर जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बच्चों को आवश्यक सुरक्षा, विशेषज्ञ परामर्श (काउंसलिंग) तथा अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही पीड़ित बच्चों को शासन के नियमानुसार आर्थिक एवं सामाजिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी बच्चे के साथ शोषण या दुर्व्यवहार की घटना होने पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर उसे न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 वर्ष के 365 दिन, 24 घंटे संचालित होने वाली निःशुल्क आपातकालीन सेवा है, जहां बच्चों से जुड़े किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न, दुर्व्यवहार अथवा संकट की सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा किसी बच्चे के लापता होने जैसी घटनाओं की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी किसी भी स्थिति में बिना किसी डर या देरी के तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। समय पर दी गई सूचना बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

