
PMGSY-IV में 10 किमी क्लस्टर की विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया सकारात्मक आश्वासन
रायपुर, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष प्रावधान किए जाने का आग्रह किया। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के अनेक गांव घने जंगलों, पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 500 मीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है, जिससे अनेक छोटे और दूरस्थ गांव सड़क सुविधा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर बस्तर में भी 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की विशेष अनुमति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के दौर से निकलकर तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास, सुरक्षा और समृद्धि की आधारशिला हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार बस्तर जैसे दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना के अंतर्गत मुक्तिधाम एवं शौचालय निर्माण जैसे कार्य प्रभावी ढंग से किए जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रशंसा करते हुए प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों के निर्माण को उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

