
राज्यभर के विद्यालयों में बाल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और बाल अधिकारों पर चल रहा व्यापक जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-संपन्न बचपन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत विद्यालयों में छात्र-छात्राओं तथा किशोर-किशोरियों को बाल संरक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर और पुलिस विभाग के अधिकारी विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता, गुड टच एवं बैड टच की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और किशोरों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, लैंगिक समानता, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं बाल श्रम की रोकथाम, भिक्षावृत्ति उन्मूलन तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों से भी अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण तथा बच्चों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों पर भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रमों के दौरान विशेषज्ञ विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल और सहज भाषा में समाधान करते हैं। बच्चों को यह भी समझाया जा रहा है कि यदि वे किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति, हिंसा या शोषण का सामना करें तो बिना भय के अपने माता-पिता, शिक्षकों, पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से तत्काल संपर्क करें। साथ ही उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने तथा अपने साथियों को भी इन महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, रामचंद्रपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए बच्चों को व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राज्य शासन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे निर्भय होकर शिक्षा प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि बाल संरक्षण से जुड़ी जानकारी बच्चों तक समय पर पहुंचने से न केवल उनके अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि वे किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने में भी सक्षम बनेंगे।

