
बलरामपुर। बरसात के मौसम में जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में उगने वाले अज्ञात जंगली पुटू (मशरूम) के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा है कि बिना पहचान वाले जंगली मशरूम का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में जंगली पुटू बड़ी मात्रा में उग रहे हैं। भ्रमवश इनके सेवन से लोगों के बीमार होने और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों में समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जंगली पुटू के सेवन के 30 मिनट से 6 घंटे के भीतर उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, चक्कर आना और अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में लीवर और किडनी प्रभावित होना, बेहोशी, चेतना में कमी तथा दौरे पड़ने जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक रहता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात या बिना पहचान वाले जंगली पुटू अथवा मशरूम का सेवन न करें। केवल प्रमाणित और सुरक्षित मशरूम का ही उपयोग करें तथा यह मानकर जंगली मशरूम न खाएं कि वह पहले भी खाया गया है या देखने में खाने योग्य प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यदि जंगली पुटू के सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पीलापन, बेहोशी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में तत्काल उपचार कराएं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इस जन-जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है, ताकि जंगली पुटू के सेवन से होने वाली विषाक्तता और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

