
“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के तहत विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्परिणाम, दिलाई नशामुक्ति की शपथ
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | खैरलांजी (बालाघाट)

खैरलांजी/बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन के प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के अंतर्गत थाना खैरलांजी पुलिस द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम घुबड़गोदी (आनंदपुर) में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में थाना खैरलांजी पुलिस के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू, गुटखा, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देती है तथा कई परिवारों के विघटन और अपराधों का कारण भी बनती है।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समाज का युवा वर्ग नशामुक्त रहेगा तो देश का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त होगा। साथ ही विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि कई प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन एवं उनसे जुड़े अवैध कार्य कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

कार्यक्रम के अंत में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
विद्यालय प्रबंधन ने थाना खैरलांजी पुलिस की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उल्लेखनीय है कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत प्रदेशभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाकर स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

