Monday, July 27, 2026
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उर्वरकों की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 120 बोरी यूरिया जब्त, एक लाइसेंस निरस्त

धमतरी। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद-उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से धमतरी जिला प्रशासन ने सघन निरीक्षण अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए अवैध रूप से भंडारित 120 बोरी यूरिया जब्त की, एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया तथा कई प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

संचालक कृषि राहुल देव (भा.प्र.से.) के निर्देशन एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि के निर्देश पर 2 जुलाई को अनुविभागीय कृषि अधिकारी तथा विकासखंड स्तर पर गठित निरीक्षण दलों ने धमतरी, कुरूद और मगरलोड विकासखंड के अनेक उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान भानपुरी स्थित मेसर्स वर्षा कृषि केन्द्र में 120 बोरी यूरिया उर्वरक का अवैध भंडारण पाया गया। उर्वरक निरीक्षक ने तत्काल पूरे स्टॉक को जब्त कर उसके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया। मामले की जानकारी कलेक्टर को भेज दी गई है तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दर्री स्थित मेसर्स अशोक ट्रेडर्स को उर्वरक विक्रय का लाइसेंस प्राप्त होने के बावजूद पिछले दो वर्षों से व्यवसाय का संचालन नहीं किया जा रहा था। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान खरेंगा स्थित हनुमान कृषि केन्द्र, कण्डेल के उपकार ट्रेडर्स एवं पवन ट्रेडर्स तथा झिरिया के अंजनेय कृषि केन्द्र में विभिन्न अनियमितताएं भी पाई गईं। इन प्रतिष्ठानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने बताया कि जिले में 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक ‘उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्रीय अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, जो उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, बिना पीओएस मशीन के विक्रय तथा अन्य अनियमितताओं पर लगातार निगरानी रखेंगे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग के अनुसार जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में 7,708.60 मीट्रिक टन यूरिया, 3,787.00 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 1,534.88 मीट्रिक टन डीएपी, 815.67 मीट्रिक टन पोटाश तथा 3,111.68 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। इस प्रकार सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में कुल 16,958.31 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडार मौजूद है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक उर्वरक संग्रहण केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था की जा रही है।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा प्रत्येक खरीद पर रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, खाद के साथ अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करता है या कालाबाजारी एवं जमाखोरी जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।

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