मूकनायक/ऋषिराज
प्रयागराज/ उत्तर प्रदेश
करछना प्रयागराज । प्रबुद्ध फाउण्डेशन, देवपती मेमोरियल ट्रस्ट, डा. अम्बेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) और बाबासाहेब शादी डाट काम के संयुक्त तत्वावधान में यमुनापार की तहसील करछना स्थित ग्रामसभा वीरपुर में सात से सत्रह आयु वर्ग के बच्चों के सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास हेतु एक बाईस दिवसीय प्रस्तुतिपरक ग्रीष्मकालीन प्रबुद्ध बाल रंग कार्यशाला आयोजित किया गया है।
पूछे जाने पर कार्यशाला के संयोजक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बताया कि रंग कार्यशाला एक ऐसा ग्रीष्मकालीन कैंप या प्रशिक्षण कार्यक्रम है जहाँ बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में रंगमंच, अभिनय, लोक कला और नाटक की विविध कला आयामो की बारीकियां सिखाई जाती हैं और कार्यशाला के अंत में उनके द्वारा एक मंच प्रस्तुति भी तैयार करवाई जाती है। आईपी रामबृज ने आगे बताया कि प्रबुद्ध फाउंडेशन विगत 2007 से सतत बहुजन समाज के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों कर्मचारियों की पे बैक टू द सोसायटी की बदौलत बहुजन समाज की गैरराजनैतिक जड़ों को मजबूत करने की दिशा में शहर से लेकर गांवों की मलिन बस्तियों में कार्यशाला आयोजित करता रहा चला आ रहा है। प्रस्तुतिपरक का मतलब है कि कार्यशाला सिर्फ थ्योरी सीखने के लिए नहीं होती। इसमें सीखे गए हुनर के आधार पर सभी प्रतिभागी मिलकर अंत में स्टेज पर एक नाटक, नृत्य या लोकगायन की लाइव प्रस्तुति देते हैं। अनुभवी प्रशिक्षक बच्चों को बॉडी लैंग्वेज, वॉयस मॉड्युलेशन (आवाज का उतार-चढ़ाव), मंच का अनुशासन और हाव-भाव सिखाते हैं। रंगमंच विविध कलाओं का संगमः इसमें नाटक के साथ-साथ लोकगायन, लोकनृत्य, क्ले मॉडलिंग, क्राफ्ट और पारंपरिक चित्रकला का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। यह रंग कार्यशाला बच्चों के स्टेज फियर (मंच के डर) को दूर करने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और टीमवर्क की भावना सिखाने में मदद करती है अर्थात रंग कार्यशाला से बच्चों का सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास होता है।
प्रतिभागी बच्चों में करीना, रुचि, श्रेया, करिश्मा, दुर्गा कुमारी, आंचल, काजल, वंदना, शिवांगी, स्वाती, दीपांजलि, अक्षत कुमार, रत्नेश, संजीत, सुजीत कुमार, अमरेन्द्र, मंजीत, अंबुज, अनिल कुमार सहित दो दर्जन से अधिक बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं।

