मूकनायक/रिपोर्टर,राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश
बस्ती। विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरौली शुमाली से भेजे गए एक मरीज के बलगम सैम्पल की जांच रिपोर्ट 37 दिन बाद भी उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और समयबद्ध जांच व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता पवन कुमार मोदनवाल का आरोप है कि 17 जून 2026 को अमरौली शुमाली से एक मरीज का बलगम का नमूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ भेजा गया था। उनका कहना है कि 21 जुलाई 2026 तक न तो नमूने की जांच की गई और न ही रिपोर्ट जारी की गई, जिसके कारण मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल सका।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ के अधीक्षक ने संबंधित संविदा लैब टेक्नीशियन (एलटी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट में हुई देरी के कारण मरीज को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल सकी, जिससे उसे स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संबंधित कर्मचारी से दो कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा जुलाई 2026 का मानदेय भी रोका जा सकता है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया की समयबद्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में इतनी लंबी देरी मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट:- यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध विभागीय दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि मूकनायक अथवा संवाददाता द्वारा नहीं की गई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

