राजकोट
विश्वभर में जब आंतरराष्ट्रीय योग दिन धामधूम से मनाया जा रहा था ऐसे में अभी भी मेंगोपीपल परिवार द्वारा मानवता की सुवास फैलाने एक संवेदनशील और हृदयस्पर्शी कार्य किया गया। संस्था ने दिखावा को साईड पर रखकर समाज के पीछडे, वंचित झोंपडपट्टी के मासूम बच्चों के आंगन में जाकर योग दिन मनाकर करुणा के दीप का प्रागट्य किया।
खुले आकाश के नीचे, मिट्टी के बीच जिनका स्मित सोने से किमती है ऐसे निर्दोष बच्चों के साथ मिलकर योग दिन आत्मियतापूर्वक मनाया। जो बच्चे कभी योग शब्द से भी परिचित नहीं है ऐसे बच्चे इसमें जुडे और काफी शिस्तबद्ध तरीके से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का दिव्य आनंद प्राप्त किया।
इस आयोजन के पीछे का हेतु केवल शारीरिक कसरत करने का नहीं था किन्तु वंचित आत्माओं को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और एक सुरक्षित तंदुरस्त जीवन का अहेसास कराना था। जबकि यह नन्हें बच्चों ने अपनी आंखे बंद कर हाथ जोडकर ओमकार का पवित्र नाद किया, उस वक्त गरीबी और अभाव की पल आशीर्वाद में पलट गई ऐसा माहौल दिखाई दिया। बच्चों में कुतूहलता और चहेरे पर निखालसता का स्मित नजर आ रहा था।
संस्थान के अध्यक्ष मनीषभाई ने बताया कि योग केवल चोक्कस वर्ग या सुखी संपन्न लोगों के लिए नहीं वह समग्र मानवजात के कल्याण के लिए है। केवल उनको मार्गदर्शन देने की जरूरत है। छोटा सा सहयोग बच्चों को आत्मिक आनंद दे सकता है और मुख पर स्मित फैला सकता है और उनका भविष्य भी बदल सकता है।

