
मूकनायक/सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
बालाघाट। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों एवं महंगाई के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी ने रविवार को बालाघाट में अनोखा “दे धक्का आंदोलन” आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने बंद वाहनों को धक्का मारते हुए रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगाई, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता, किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा एवं मध्यम वर्गीय परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। वाहनों को धक्का देकर प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आम लोगों के लिए वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा।
जिला अध्यक्ष हीरालाल भगत ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। लोकसभा प्रभारी सदाशिव हरिनखेड़े ने किसानों और युवाओं की समस्याओं को उठाते हुए सरकार से राहत देने की मांग की। राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुशील कुषराम एवं महिला प्रकोष्ठ की संभागीय प्रभारी नर्मदा नागवंशी ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब परिवारों और महिलाओं पर पड़ रहा है।
भारत मुक्ति मोर्चा के जिला प्रभारी रामदास ठवकर, कार्यकारी जिला अध्यक्ष विकास खाड़ेकर एवं विमल कुमार ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में ज्ञानदास जगने, भागचंद गौतम, सविता उइके, गीताबाई मेष्राम, भागवंती बाई डाहरे, विद्याबाई बोकर, वंदना मेष्राम, पूर्णिमा वानखेड़े, पुना बोकर, वच्छला बाई इंगोले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं महिलाएं शामिल रहीं।
ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में कमी, महंगाई पर नियंत्रण, बेरोजगारी दूर करने तथा आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की गई।

