Tuesday, September 29, 2026
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पत्रकारों ने लालगंज थाने के सामने शुरू किया आमरण अनशन, कार्रवाई न होने पर पुलिस के रवैये पर उठाए सवाल

मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के पीएचसी बनकटी में पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता और धमकी के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज क्षेत्रीय पत्रकारों ने लालगंज थाने के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का आरोप है कि खबर बनाना और अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाना भी अब उनके लिए भारी पड़ गया है उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले को लगातार टाल रही है।

पत्रकारों के अनुसार वे सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की कवरेज और वीडियो बना रहे थे इसी दौरान कुछ दबंगों ने उनके साथ कथित रूप से अभद्रता की और खुलेआम धमकी दी इतना ही नहीं पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश भी रची जा रही है उनका दावा है कि धमकी का वीडियो भी उनके पास मौजूद है जिसे पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

प्रदर्शनकारी पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत लालगंज थाना प्रभारी को दी लेकिन शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल का रवैया अपनाया पत्रकारों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो थाना प्रभारी ने कथित रूप से कहा “आओ मेरे ऑफिस में आकर मिलो।” इस बयान को लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है और उन्होंने इसे असंवेदनशील तथा अनुचित बताया है।

धरने पर बैठे पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है उनका आरोप है कि दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पत्रकारों को ही बार-बार थाने के चक्कर कटवाए जा रहे हैं इससे क्षेत्रीय पत्रकारों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लालगंज थाने के बाहर दिनभर पत्रकारों और समर्थकों की भीड़ जुटी रही विभिन्न पत्रकार संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा उनका कहना है कि पत्रकारों को धमकी देने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उधर धरना और आमरण अनशन की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे और जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल अपने सम्मान और सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि निष्पक्ष न्याय की मांग को लेकर है उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होगी तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा फिलहाल सभी की निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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