मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत
पानीपत, 28 जून। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की पानीपत जिला कौंसिल की बैठक स्थानीय भगत सिंह स्मारक में कामरेड जितेंद्र पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला सचिव कामरेड पवन सैनी ने जिले में पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा प्रस्तुत की।
बैठक को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने वर्तमान राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों तथा 21 जून को करनाल में आयोजित राज्य कौंसिल की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने पंचकुला में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में नियुक्ति और न्याय की माँग को लेकर आमरण अनशन पर बैठी पल्लवी जांगड़ा सहित अन्य महिला अभ्यर्थियों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना भाजपा सरकार के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे की वास्तविकता उजागर करती है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को भी लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। लूट, अपहरण और हत्या जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जबकि पुलिस प्रशासन जनता की समस्याओं के बजाय सत्तारूढ़ दल के नेताओं को खुश करने में व्यस्त है।
बैठक में 1 जुलाई को खेत मजदूर संगठनों द्वारा मजदूर विरोधी योजना वीबीग्रामजी की प्रतियां जलाने के आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ तथा मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और छात्रों की माँगों को लेकर 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित सीपीआई की विशाल रैली में पानीपत से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया।
रैली और सीपीआई की राष्ट्रीय जनसंपर्क यात्रा की तैयारियों के लिए 19 जुलाई को भगत सिंह स्मारक, पानीपत में एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में वरिष्ठ नेता कामरेड सूरत सिंह देशवाल एडवोकेट, विदुर फोर एडवोकेट, जय भगवान दरियापुर, पिरथी सिंह सैनी, सुल्तान सिंह उरलाना, ओम सिंह यादव, भूपेंद्र कश्यप, छात्र नेता रुपेश सैनी, जितेंद्र पाल सिंह सहित अनेक नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

