

क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत 29 जून को लगेगा विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट
बालाघाट। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत शनिवार को विकासखंड बालाघाट के ग्राम गोंगलई में उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. अरुण नेमा ने क्षेत्रीय भ्रमण एवं निरीक्षण कर किसानों एवं पशुपालकों से संवाद किया। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने का आह्वान किया।
ग्राम पंचायत में आयोजित बैठक में डॉ. नेमा ने सरपंच, सचिव एवं जनप्रतिनिधियों के साथ योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र पशुपालकों को समय पर योजनाओं से जोड़ना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, संतुलित पशु आहार, हरे चारे का उत्पादन, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
भ्रमण के दौरान डॉ. नेमा ने पशुपालकों के घरों का निरीक्षण कर पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, पोषण, आवास व्यवस्था एवं स्वच्छता का जायजा लिया। साथ ही समुन्नत योजना के अंतर्गत प्रदाय किए गए मुर्रा नर सांड का भौतिक सत्यापन कर उसके रखरखाव एवं उपयोग की समीक्षा की तथा आवश्यक तकनीकी सुझाव भी दिए।
पशुपालकों की मांग पर उपसंचालक डॉ. अरुण नेमा ने 29 जून को ग्राम गोंगलई में विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं के साथ शिविर में पहुंचकर उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं तकनीकी परामर्श जैसी निःशुल्क सेवाओं का लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम में डॉ. बादल पटले, डॉ. पूजा धुर्वे, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी छबी गोरमारे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, किसान एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग ने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता अभियान और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराकर पशुपालन को रोजगार एवं समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जाएगा।

