
मुंगेली, 29 जून। जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी एल. पी. डाहिरे ने सोमवार को विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद पाए गए, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में किए गए इस निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला केसली, पूर्व माध्यमिक शाला टेढ़ाधौरा तथा हाई स्कूल टेढ़ाधौरा निर्धारित समय से पहले बंद मिले। निरीक्षण के समय विद्यालयों में न तो शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था और न ही शिक्षक अथवा संस्था प्रमुख उपस्थित थे। विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित सभी शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों का उस दिन का वेतन काटा जाएगा। साथ ही उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में समय पर उपस्थिति दर्ज कराना, नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन करना तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षक और संस्था प्रमुख की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कोई भी कर्मचारी इस जिम्मेदारी के निर्वहन में लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों के शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे विद्यालय संचालन में अनुशासन बनाए रखें, निर्धारित समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करें तथा विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि शासकीय विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

