मूकनायक न्यूज/दिलीप कुमार
नई दिल्ली। कर्ज वसूली के नाम पर ग्राहकों को डराने-धमकाने और देर रात परेशान करने की शिकायतों पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए नए दिशानिर्देशों का ड्राफ्ट जारी किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने की संभावना है। नए नियमों के तहत रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद किसी ग्राहक को कॉल नहीं कर सकेंगे या घर पर नहीं जा सकेंगे। एजेंटों द्वारा गाली-गलौज, धमकी देना, मानसिक दबाव बनाना, सोशल मीडिया पर बदनाम करना या जबरदस्ती वसूली करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। RBI ने बैंकों और एनबीएफसी को निर्देश दिया है कि वे अपने रिकवरी एजेंटों का पूरा वेरिफिकेशन करें। सिर्फ प्रशिक्षित और प्रमाणित एजेंट ही वसूली का काम कर सकेंगे। साथ ही, रिकवरी से जुड़ी हर कॉल की रिकॉर्डिंग रखना भी अनिवार्य होगा। अगर कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी जवाबदेही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की होगी। परेशान ग्राहक सीधे बैंक, पुलिस या बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करा सकेंगे। आरबीआई का मकसद है कि कर्ज वसूली में पारदर्शिता आए और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा हो।

