Monday, September 28, 2026
Homeनई दिल्लीजंतर-मंतर से अस्पताल तक, वांगचुक को ले जाने पर छिड़ा सियासी संग्राम

जंतर-मंतर से अस्पताल तक, वांगचुक को ले जाने पर छिड़ा सियासी संग्राम

मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट उप संपादक जंतर मंतर/ नई दिल्ली

नई दिल्ली। सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गई लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई इस कार्रवाई को लेकर पुलिस, परिवार और आंदोलनकारियों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं जिससे पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर उठाया गया पुलिस के अनुसार लंबे समय से चल रहे उपवास के कारण वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक हो रही थी इसलिए उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती कराया गया।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार लंबे उपवास के चलते वांगचुक को अत्यधिक कमजोरी, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या हुई है शरीर में पोटैशियम का स्तर भी सामान्य से कम पाया गया है हालांकि अस्पताल ने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

वहीं वांगचुक के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने आरोप लगाया कि परिवार को बिना पूर्व सूचना दिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सहमति के बिना वांगचुक को नसों या मुंह के माध्यम से किसी प्रकार की दवा या तरल पदार्थ नहीं दिया जाए।

दूसरी ओर आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट करते हुए वॉलंटियर्स को हटाकर वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अदालत के निर्देशों का शांतिपूर्वक पालन कराया गया और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में हुई।

इस घटनाक्रम के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं होगा आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा यदि सोनम वांगचुक स्वास्थ्य कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पाते हैं तो उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो मार्च का नेतृत्व करेंगी।

घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला बताया विपक्ष ने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

अस्पताल ले जाए जाने से पहले जारी अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका शरीर लगातार कमजोर हो रहा है लेकिन उनका संकल्प पहले की तरह मजबूत है उन्होंने देशवासियों से 20 जुलाई को संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य का सवाल है।

आंदोलन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच तथा देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार शामिल हैं आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अब सभी की नजरें 20 जुलाई के प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च और सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आंदोलन सरकार, न्यायपालिका और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बहस को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

Durgendra Samrat
Durgendra Samrathttp://www.mooknayaknews.com
Durgendra Samrat मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं वर्तमान में वे Mooknayak News में State Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। राजनीति, चुनाव, व्यवसाय, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जमीनी सरोकारों से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ और मजबूत पकड़ है निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते है।
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments