


शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के दिए निर्देश, समीक्षा बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
मूकनायक समाचार/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
बालाघाट। कलेक्टर मृणाल मीना ने शनिवार को जिला पंचायत सभागार में बालाघाट विकासखंड के सभी विभागों के खंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति का विभागवार मूल्यांकन किया। बैठक में कई विभागों की धीमी प्रगति और लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन, एसडीएम गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में दिखी सख्ती
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से दर्ज करने और उसी आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन एवं स्वास्थ्य जांच में कम प्रगति पाए जाने पर कई क्षेत्रों की एएनएम को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों को नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। कुपोषित बच्चों की पहचान, शाला पूर्व शिक्षा और पोषण ट्रैकर एप पर खाद्यान्न वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
पशुपालन विभाग को टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा में एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं कामधेनु योजना की प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया गया। कम प्रगति वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।
शिक्षा विभाग में शत-प्रतिशत पंजीयन के निर्देश
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को कक्षा 1 से 12 तक सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कक्षा 6 एवं 9 के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण तथा सभी विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। पंजीयन में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई।
एफएलएन सर्वे में कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
नक्शा तरमीम, फार्मर रजिस्ट्री, नामांतरण एवं अन्य राजस्व प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने 15 दिनों के भीतर कार्यों में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत एवं कृषि विभाग को भी दिए महत्वपूर्ण निर्देश
पंचायत विभाग की समीक्षा में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति बढ़ाने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषि विभाग को खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर पूर्ण करने, किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

