मूकनायक/रिपोर्टर, राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश
हर साल एक ही जमीन पर हजारों पौधे लगाने का दावा, मौके पर गायब मिली हरियाली; आरटीआई में बिल-वाउचर न देने पर भी उठे सवाल
बस्ती के रामनगर रेंज में वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना को भेजे गए शिकायत पत्र में रेंजर रामनगर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, फर्जी वृक्षारोपण और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दर्शाए गए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। शिकायत के अनुसार विभागीय अभिलेखों में हजारों पौधे लगाए जाने का दावा किया गया, जबकि स्थलीय निरीक्षण में अधिकांश स्थानों पर पौधे दिखाई तक नहीं दिए।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग 80 लाख रुपये, वर्ष 2024-25 में करीब 30 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 82 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वृक्षारोपण कार्य में खर्च दिखाई गई। इसके अतिरिक्त दोनों वर्षों में करीब 7.70 हजार पौधे लगाए जाने का दावा भी विभागीय अभिलेखों में दर्ज किया गया है।
आरोप है कि सड़क किनारे, वनभूमि, ग्राम समाज की भूमि एवं सरकारी खाली जमीनों पर लगातार हर वर्ष पौधरोपण दिखाकर भुगतान निकाला गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई स्थानों पर एक ही भूमि पर बार-बार हजारों पौधे लगाए जाने का विवरण दर्ज किया गया, जिससे पूरे मामले में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका और गहरा गई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभागीय अभिलेखों में शीशम, सागौन, सहजन, अकाशिया तथा यूकेलिप्टस जैसे पौधों का रोपण दर्शाया गया, लेकिन मौके पर इन पौधों का अस्तित्व नहीं मिला। आरोप लगाया गया है कि बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता राहुल सिंह का आरोप है कि जनसूचना में वृक्षारोपण से संबंधित बिल-वाउचर एवं भुगतान अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। विभाग की ओर से यह कहकर जवाब टाल दिया गया कि अभिलेख ऑनलाइन अपलोड हैं और वहीं से निकाल लिए जाएं। शिकायतकर्ता ने इसे सूचना का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि इस संबंध में लिखित जवाब मांगा जाएगा तथा अलग से पत्राचार कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिंह ने पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। मामले के उजागर होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और वन विभाग की कार्यशैली को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।

