Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorizedग्राम पंचायत सपहा में 128वें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन, सुशासन तिहार...

ग्राम पंचायत सपहा में 128वें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन, सुशासन तिहार के निराकरण पर उठे सवाल

ग्राम पंचायत सपहा में 128वें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन, सुशासन तिहार के निराकरण पर उठे सवाल

मूकनायक

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के सपहा ग्राम पंचायत में ग्रामीण समस्याओं और लंबित आवेदनों के निराकरण की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन अब और तेज हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लाल जी बौद्ध ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “सुशासन तिहार” के नाम पर आम जनता को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में सुशासन तिहार के दौरान ग्राम पंचायत सपहा एवं आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों आवेदन शासन को सौंपे गए थे। मांगों के समर्थन में ग्रामीणों द्वारा 109 दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। बाद में एसडीएम भैयाथान एवं विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद 1 सितंबर 2025 को आंदोलन स्थगित कर दिया गया था।
हालांकि आंदोलनकारियों का आरोप है कि अधिकांश मांगों एवं शिकायतों का निराकरण आज तक नहीं किया गया। इसी के विरोध में 21 अप्रैल 2026 से पुनः आंदोलन शुरू किया गया, जो 9 मई 2026 तक 19 दिन पूरे कर चुका है। पूर्व के 109 दिनों को जोड़कर यह आंदोलन कुल 128 दिन तक पहुंच गया है।
आंदोलनकारियों ने बताया कि 8 मई 2026 को मोहरसोप ग्राम में प्रशासन द्वारा समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। लगभग 15 से 20 पंचायतों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन आरोप है कि वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग एवं पीएचई विभाग से जुड़ी गंभीर शिकायतों का कोई ठोस निराकरण नहीं किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लाल जी बौद्ध ने कहा कि जिन विभागों के खिलाफ शिकायतें की गई थीं, उन्हीं विभागों के अधिकारियों का रवैया और कठोर हो गया है। उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। उनका आरोप है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा की मांग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
लाल जी बौद्ध ने कहा कि उनके परिवार की ओर से 26 आवेदन तथा सपहा गांव से लगभग 170 आवेदन और पूरे मोहरसोप क्षेत्र से करीब 800 आवेदन विभिन्न समस्याओं को लेकर दिए गए थे, लेकिन केवल राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड जैसे कुछ सीमित कार्यों को छोड़कर अधिकांश मामलों का समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर गंभीरता से कार्य नहीं किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और शिकायत करने वालों को दबाने का प्रयास किया जाता है।
लाल जी बौद्ध ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्रीय मीडिया आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से नहीं दिखा रहा है। उनका कहना है कि गरीब और पीड़ित लोगों की आवाज दबाई जा रही है जबकि केवल सरकारी कार्यक्रमों और अधिकारियों की गतिविधियों को प्रचारित किया जाता है।
आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि लंबित आवेदनों का निष्पक्ष निराकरण किया जाए, ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा आंदोलनकारियों एवं उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments