


मूकनायक समाचार /बालाघाट
बैहर। क्षेत्र के पूर्व लोकप्रिय विधायक एवं जनसमस्याओं के प्रति सदैव सजग रहने वाले जनप्रिय नेता भगत सिंह नेताम के जनजातीय राज्य आयोग के सदस्य (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) के रूप में मनोनीत होने के पश्चात प्रथम बार बैहर आगमन पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारियों एवं शिक्षक साथियों द्वारा उनका भव्य स्वागत, अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
भोपाल से अपने निज निवास पहुंचने पर शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर शिक्षकों ने क्षेत्रीय विकास, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक हितों के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा।
शिक्षक संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में वर्ष 1998 से 2000 एवं 2005 से 2008 के मध्य नियुक्त सभी संवर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता प्रदान करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। साथ ही जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को शिक्षा विभाग के समान 1 जुलाई 2023 से लाभ प्रदान करने तथा सितंबर 2022 की हड़ताल अवधि के वेतन को चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कर भुगतान करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन वाचन के दौरान माननीय भगत सिंह नेताम ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षक हितों से जुड़े इन मुद्दों पर शासन स्तर पर सार्थक पहल की जाएगी।
इस गरिमामय अवसर पर शिक्षक संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अशोक कुमार दीक्षित (संभाग प्रमुख, जनजातीय कार्य विभाग), प्रह्लाद पटले (संभागीय कोषाध्यक्ष), एस. आर. ऊके (संभागीय सदस्य), प्रेमलाल पटले (अध्यक्ष, बिरसा तहसील), भागीरथ पांचे (ब्लॉक अध्यक्ष), अरविंद मिश्रा (ब्लॉक अध्यक्ष, बैहर), सदाराम रहांगडाले (ब्लॉक उपाध्यक्ष), सुजित खोबरागड़े (ब्लॉक सचिव), जनकलाल चौधरी (नगर कोषाध्यक्ष) सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में संभागीय सदस्य एस. आर. ऊके ने माननीय मंत्री एवं उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। भगत सिंह नेताम ने सभी शिक्षकों को मिठाई खिलाकर आत्मीयता के साथ सम्मानपूर्वक विदाई दी।
यह आयोजन न केवल शिक्षक हितों की आवाज को शासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।

