Tuesday, September 29, 2026
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बिलासपुर को जल संरक्षण के क्षेत्र में मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कारकेंद्रीय जल शक्ति मंत्री के हाथों सीईओ ने ग्रहण किये पुरस्कार

ईस्ट जोन केटेगेरी 03 में बिलासपुर जिला प्रथम स्थान

मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को दी बधाई

बिलासपुर।बिलासपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में पिछले लगभग एक साल में हुए उल्लेखनीय कार्य के लिए जिले को राष्ट्रीय स्तर का छठवां राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार से नवाजा गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने यह पुरस्कार प्रदान किया। जिला प्रशासन की ओर से जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। जिले की इस महती उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को बधाई दी है। उन्होंने जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुधार के कामों को आगे भी जारी रखने को कहा है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर को जल संचय जन भागीदारी जल शक्ति अभियान में ईस्ट जोन केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। बिलासपुर जिले ने जल शक्ति अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल निकायों का नवीनीकरण, बोरवेल का पुनः उपयोग, जलग्रहण विकास और गहन वनरोपण जैसी कई गतिविधियों को शामिल किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 21058 कार्य — जिसमें नया तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत डबरी निर्माण, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत रिचार्ज पीट, पुराने कूप एवं जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार — सफलतापूर्वक अद्यतन कर सत्यापित किया गया। इससे जिले ने देश में 11वाँ स्थान प्राप्त कर 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि हेतु अपना नाम दर्ज कराया।

इस अभियान में जिला बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे चुनौतीपूर्ण और भविष्य के लिए लाभकारी बताते हुए, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप कुमार अग्रवाल को इस अभियान का नोडल बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया और बिलासपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज करा दिया। इसमें सभी जनपद पंचायतों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को दायित्व सौंपा गया, जिसे सभी ने सफलता पूर्वक पूरा किया।

गौरतलब है कि जल शक्ति अभियान 1 जुलाई 2019 को शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य पानी की कमी और जल संरक्षण की समस्या का समाधान करना है। यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसे विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य ध्यान जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, और पारंपरिक जल स्रोतों के नवीनीकरण पर है। वर्ष 2024-25 में इसे संपूर्ण देश में लागू किया गया और देशभर में इस अभियान का संचालन किया गया।

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