मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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अक्सर राजनीति व हर क्षेत्र में अधिकतर झूठे, मक्कार और चापलूस प्रवृति के लोग आम मिल जाते हैं, जो निसंदेह, ना केवल राजनीति अपितु हर क्षेत्र में ऐसे लोग अधिक सफल होते हैं । राजनीति से भी अधिक ऐसे लोगों की संख्या धर्म के क्षेत्र में सर्वाधिक है और हम उसे बिना विरोध के सहर्ष के साथ स्वीकार कर लेते हैं। समाज में सदैव झूठ, मक्कारी, अपराध, अनैतिकता और अराजकता का प्रभुत्व रहा है। कभी कम, कभी अधिक और कभी चरम सीमा पर जैसा आजकल है। बातें चाहे जितनी हो सच्चाई की, परंतु चलना हर किसी के लिए संभव नहीं है । कबीर दास ने कहा है “किया खड़ा चौराहे पर लिए कलूटी हाथ, जो घर जाये अपना, आये हमारे साथ”
यहां यह भी कड़वा सच है कि सच बोलोगे तो बुरा लगेगा, झूठ बोलोगे तो सब खुश रहेंगे। बर्दाश्त करोगे तो रिश्ता लंबा चलेगा, जवाब दोगे तो बुरे बनोगे। चुप रहोगे तो सब खुश रहेंगे, ज्यादा बोलने लगोगे तो फिर सबको बुरे लगोगे। आप जितने झूठे व मक्कार होंगे, आपकी मित्र मंडली उतनी ही बड़ी होगी, आप जितने वास्तविक होंगे,आपका मित्र मंडल उतना ही छोटा होगा…!
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

