

मूकनायक/ कमलेश लवहात्रै
छत्तीसगढ़
////डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर वाचनालय उरला दुर्ग छत्तीसगढ़ में बहनों ने लिखे भारत के राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, बिहार मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के नाम पत्र ।/////
सविता बौद्ध “संकल्पी” आव्हान किया कि,महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन को चलते 134 वर्ष हो चुके है। अनागरिक धम्मपाल से लेकर,भंते नागार्जुन सुरई ससाई और अब आयुष्मान आकाश लामा लगातार आंदोलन को गति प्रदान कर रहें है। हमें भी इस आंदोलन में अपनी भूमिका तय करनी है तो आओ ! संघर्षशील हो जाओ,अपने हक और अधिकार के लिए !!!आओ गतिमान हो जाओ,अपने कर्तव्य और फर्ज के लिए !!! आओ सजग हो जाओ,अपने धम्म और मिशन के लिए !!! आओ सतर्क हो जाओ,अपने संविधान और विधान के लिए!!!*
12 वर्ष के बाद तेरहवें वर्ष 2025 में हम बौद्धों के हक में सुनवाई होने जा रही है ।लेकिन इसमें भी अनेक अड़चनें या रूकावटें पैदा की जा सकती है। हम सबने मिलकर एक माह का धरना प्रदर्शन किया है । हमारा प्रयास रंग लाया है कि आज संपूर्ण देश में बीटी एक्ट 1949 क्या है ? चर्चा का विषय बन गया है और बड़े तो बड़े हमारे बच्चे - बच्चे तक अब जान चुके है कि बीटी एक्ट 1949 क्या है।
10 अगस्त से पूरे देश में मशाल रैली भ्रमण द्वारा महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन का अलख जगाते रहेंगे।
हम सब मिलकर केंद्र सरकार,राज्य सरकार तक जन जन की आवाज पहुंचाए । समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भारत के राष्ट्रपति,भारत के मुख्य न्यायाधीश,भारत के प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजें। आप कर्तव्यनिष्ठ है,महाबोधी महाविहार मुक्ति के लिए अपने घर - परिवार से और खुद से यह शुरुआत करें ।

