Tuesday, September 29, 2026
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रिश्तों को सहेज कर रखना है मधुर संबंधों का उपहार है

मूकनायक
देश
“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”
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मनुष्य के जीवन में कुछ रिश्ते महापुरुषों व बड़े बुजुर्गो के आशीर्वाद की देन होते हैं जो हमें जन्म से नहीं उनकी कृपा से प्राप्त होते हैं, जो अनजाने में ही हमारे सबसे निकटतम संबंधों से भी अधिक निकट होते हैं जिनमे अपनापन, प्रेम और विश्वास होता है ।
जीवन में यही सम्बन्ध प्रकृति का अमूल्य उपहार होते हैं । उन्हें सहेज़ कर ना रखना प्रकृति के उपहार का अनादर करना है और रिश्तों को सहेज़ कर रखना ही मधुर सम्बंधों के उपहार को प्रेम से स्वीकार करना है ।
लेखक:
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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