मूकनायक/राजस्थान/जिला ब्यूरो चीफ सांचौर/रिडमल राम परमार
सांचौर, 06 दिसंबर 2024 – अंबेडकर सेवा समिति सांचौर के तत्वावधान में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन अंबेडकर पार्क, पंचायत समिति सांचौर में हुआ। महासचिव कानाराम पारीक ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इस दिन को समाज के प्रति बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए और उनकी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4:30 बजे श्रद्धांजलि सभा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजसेवी, शिक्षाविद, अधिवक्ता, व्यापारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा के बाद शाम 6:00 बजे बाबा साहब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेश पातलिया ने की। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा, “बाबा साहब ने अपना जीवन वंचित और दबे-कुचले समाज को अधिकार दिलाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन और विचारधारा आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। संविधान की सुरक्षा और इसे प्रभावी बनाए रखने के लिए हमें एकजुट रहना चाहिए।”
इस अवसर पर केशाराम मेहरा, बाबूलाल चितारा, नेमीचंद खोरवाल, आसूलाल गोयल, जेताराम परमार, वेरसीराम पारेगी, आंबाराम राणुआ, मसराराम गर्ग, थानाराम मेघवाल, मोहनलाल पारीक, श्रवणकुमार गैलेना, मेवाराम बाजक, रायमलराम राणुआ, नारायणलाल सिंघल, जयकृष्ण मीरपुरा, मूलाराम वाघेला, शांतिलाल नागवंशी, रिडमलराम परमार गुन्दाऊ, तगाराम पातलिया, रमेशकुमार परमार, एडवोकेट राजेन्द्र हिंगड़ा, भंवरलाल पातलिया, रमेशकुमार खानवत, लक्ष्मण परमार, बेचराराम पातलिया, बलवंताराम परमार, और केशाराम पहाड़पुरा सहित समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब न केवल भारत के संविधान के निर्माता थे, बल्कि वे एक सामाजिक क्रांति के प्रणेता भी थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, असमानता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया।
वक्ताओं ने समाज के युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलें। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और हमें समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम में युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभी ने बाबा साहब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन बाबा साहब के प्रेरक विचारों के प्रसार और समाज में समरसता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। इस आयोजन ने सभी को एक बार फिर बाबा साहब की शिक्षाओं और उनके योगदान को याद करने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर अंबेडकर सेवा समिति सांचौर के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

