Thursday, February 26, 2026
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*क्रांती सुर्य जोतिराव फुले जी की विचारधारा अम्बेडकर अनुयायी योंने चलाई है*। भीमराव य. अम्बेडकर*

*सत्यशोधक समाज का 150 वा स्थापना दिवस एवं संविधान सन्मान समारोह दिल्ली में संपन्न* ।

*संविधान रथ पूरे देश भर भ्रमण करेगा – एक करोड संविधान बाटेगा* ।

दिल्ली. (दि. 24/9/2023) डा. बाबासाहेब अम्बेडकर जी के गुरू राष्ट्रपिता क्रांतीसुर्य जोतिराव फुले जी की विचारधारा डा. बाबासाहेब अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण के पश्चात महाराष्ट्र में बाबासाहेब और ज्योतिबा फुले जी की विचारधारा अम्बेडकर अनुयायी योंने भारी मात्रा में चलायी है, जब की ओ. बी. सी. समाज ने उतनी नहीं चलायी। क्रांति वीर ज्योतिबा फुले जी के विचार जन जन तक पहुंचाने के लिए अभी उत्तर भारत में नेतृत्व करना आवश्यक है, ऐसा कहते हुए, ज्योतिराव फुले जी ने 1जनवरी को पहली पाठशाला भीमा कोरेगाव की पेशवाही के उच्चाटन की लडाई जितने के दिन कियी और उन्होंने ही छत्रपती शिवाजी महाराज की रायगड की समाधी ढुंढ निकाली तथा पहला पोवाडा भी लिखा है। महा मानवोंके विचार लेकर, इकठ्ठा जाना होगा। 85 प्रतिशत लोग एकसाथ आयेंगे तो, दिल्ली की सरकार हम बदल सकते हैं, ऐसा प्रतिपादन डा. बाबासाहेब अम्बेडकर जी के पौत्र, डा. भीमराव य. अम्बेडकर (ट्रस्टी /राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष -दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया एवं समूह राष्ट्रीय अध्यक्ष -समता सैनिक दल ) इन्होने सत्यशोधक समाज संघटन के तत्वाधान में सैनी भवन , सावित्रिबाई फुले ट्रस्ट ,मंगोलपुरी ,दिल्ली में क्रांति वीर जोतिराव फुले जी के सत्यशोधक
समाज इस संस्था के 150 वें स्थापना दिवस एवं संविधान सन्मान समारोह कार्यक्रम में किया।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के भुतपुर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने, उन्होने हिंदू धर्म के बारे में किये हुए आलोचना के विरोध में उनके उपर किये गये आरोपों का जबरदस्त खंडन किया। हिंदू धर्म में हमारे पालतु जानवर चलते हैं, लेकिन उन जानकारोंका पालन पोषण करने वाले हम लोगोंको नीच मानते हैं। जब हम ताकत ,चढावा ,दान ,पैसा देणा बंद करेंगे, तब वह लोग हमें मान- सन्मान देंगे। भारतीय संविधान पर हावी होने का मनुवादी लोगोंका प्रयास भारी मात्रा में चल रहा है। हमें सत्य की राह पर चलना होगा और सन्मान की लडाई जारी रखनी होगी, ऐसा मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष राजकुमार सोनी जी ने अपने भाषण में बताया कि, हिंदू धर्म के अनुसार आत्मा ,स्वर्ग, नरक ऐसा वास्तव में कुछ भी नहीं है। इस बात को कई उदाहरणोंसे स्पष्ट करके भगवान बुद्ध के समतावादी विचार ही हमें आगे लेकर जा सकते हैं। ऐसा दृढ़ता से बताया। इस समय राजबाला सैनी ने सावित्री माई के परिवेश में “मैं सावित्री बोलती हुं” इस प्रयोग से ज्योतीबा फुले एवं सावित्री माई फुले इस दाम्पत्य की महत्वपूर्ण जानकारी बतायी।

अरविंद माली ने अखिल भारतीय गोलमेज परिषद का रिपोर्ट सादर किया। इस कार्यक्रम का आयोजक सत्यशोधक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठक अॅड. प्रकाश मौर्य,राजकुमार सैनी और सावित्रीबाई फुले ट्रस्ट इन्होने किया था।

डा. बाबासाहेब अम्बेडकर जी ने जहां आखरी सांस लिया था, उस 26 अलीपूर निवास स्थान से, भंते सुमित रत्न थेरो जी ने बनाया हुये संविधान रथ को डा. भीमराव य. अम्बेडकर जी ने सुबह पंचशील का झंडा दिखाकर, संविधान रथ की यात्रा शुरु करवायी। यह रथ देश के सभी भागों में भ्रमण करते हुए 1करोड संविधान की प्रतीयां घर घर पहुंचायेगा और संविधान के बारे में जन जागृती करनेका सम्यक संकल्प असल्याचे भंते सुमित रत्न थेरो जी ने घोषित किया।

इस समय पुणा से लायी गयी, ज्योतीबा फुले की खास पगडी उपस्थित मान्यवरों को पहनायी गयी। साथ ही एस. के. भंडारे, कॅप्टन प्रविण निखाडे और कुछ ओबीसी समाज के कार्यकर्ताओंने किये हुए समाज कार्य को मध्य नजर रखते हुए, उनको ज्योतीबा फुले की खास पगडी पहनाकर उनको सन्मानित किया गया।

इन दोनो कार्यक्रम को
दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया /समता सैनिक दल के कॅप्टन प्रविण निखाडे (ट्रस्टी /आंतरराष्ट्रीय सचिव ),एस के भंडारे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं स्टाफ ऑफिसर ), कपूर सिंह सिंघल( राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ),एन. पी. निशांत ( मुख्य सचेतक ,समता सैनिक दल ), फौजी इंडिया (राष्ट्रीय संगठक ),मल्लिकार्जुन भालके ( राष्ट्रीय संगठक ),आर एस गौतम (राष्ट्रीय सदस्य ), कपूरसिंह कटारिया बौद्ध (अध्यक्ष ,दिल्ली प्रदेश ), अॅड सुरेश चंद्रा (उपाध्यक्ष ,दिल्ली प्रदेश ), संदेश मोहिते(कोषाध्यक्ष , हरियाणा ) आदी मान्यवर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में ओबीसी समाज बहुत बड़ी संख्या में सहभागी हुए थे।

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