Homeदिल्लीमुल्क के तख्त पर आम्बेडकरी चाहिए : एस.आर.शेंडेबहुजन सौरभ का राज्य स्तरीय...
मुल्क के तख्त पर आम्बेडकरी चाहिए : एस.आर.शेंडेबहुजन सौरभ का राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन सम्पन्न सौंसरदैनिक बहुजन सौरभ के सौजन्य से धम्मचक्र प्रवर्तन दिन,अशोक विजया दशमी के शुभ अवसर पर हिंदी मोरभावन नागपुर के सभागार में राज्य स्तरीय विशाल काव्याभिवादन,कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ। मुंबई के ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. नागनाथ डोलारे की अध्यक्षता,दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यिक डॉ.अनील सूर्या ,वरिष्ठ कवि ई.मो.नारनवरे,संपादक डॉ.संध्या राजुरकर,डॉ.सिद्धार्थ काम्बले,डॉ.विद्याधर बंसोड के मुख्यातिथ्य में आयोजित काव्यभिवादन समागम में अतिथि कवि के रूप में सौंसर मध्यप्रदेश के क्रांतिकारी कलमकार एस.आर.शेंडे सहित विविध क्षेत्रों से पधारे डॉ.सुरेश खोबरागड़े,अविनाश टिपले,संजय मोकडे,रमेश बुरबुरे,प्रा.चंद्रशेखर बाम्बूरडे,प्रा.ज्योति ढाले,डॉ.सुनंदा जुलमे,प्रा.धर्मरक्षित टेम्भूरने,प्राचार्य महेंद्र कुमार मेश्राम,कलाम खान,डॉ.बलवंत भोयर,,भीमराव गणवीर,सरिता सातारडे,हितेश गोमासे,हेमलता धवळे,मनोहर गजभिये,नीलेश पाटील,अशोक गडकरी,राजेश डंभारे,संदीप गायकवाड,चितरंजन चौरे,सुषमा कळमकर,दीपक पंचभाई,प्रा.नाना शेंडे,प्रतिभा सहारे,रोशनी गणवीर,लीलाधर गायकवाड,नागेश वाहूरवार,संगीता बनकर,संजय सायरे,सफलश्रुति,प्रभु फूलझेले,मोनाली पोफरे,ज्योत्सना बंसोड,कोशलचंद्र,डॉ.शीला बागडे ,दादाराव पाटील ,संजय मोखडे,ने देश व समाज के वर्तमान हालातों के साथ धम्म आम्बेडकरी मिशन पर धारदार रचनाओं के माध्यम से आपसी भाईचारा कायम करने,वतन की खुशहाली को समृद्ध बनाने,संविधान लोकतंत्र की हिफाजत करने और देश में नफरत फैलाने वाली साम्प्रदायिक ताकतों का एकजुटता के साथ मुकाबला करने का पैगाम दिया। एस.आर.शेंडे की रचना “भीख नहीं हक और बराबरी चाहिये,जुल्मत के खिलाफ लडने की बहादुरी चाहिये,शेर की तरह जी लो तुम स्वाभिमान से ,मुल्क के तख्त पर आम्बेडकरी चाहिये ” से सभागार तालियों से गूँज उठा।सभी कवि बंधुओं,बहनों को प्रमुख अतिथियों के हस्ते सम्मान पत्र,स्मृति चिन्ह,भारत का संविधान (क़िताब ), गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।आयोजन समिति के प्रमुख डॉ.संध्या राजुरकर,शालिक जिल्हेकर,डॉ.अजय चिकाटे,डॉ.मनीष वानखेडे, प्रा. हृदय चक्रधर,वामन नील,सुभाष मानवटकर,लैलेन्द्र आम्बुलकर ने देश भर से पधारे कलमकारों का हार्दिक आभार माना। सफल संचालन प्रीति तिरपुडे एवं डॉ.प्रमोद नारायणे ने किया।