मूकनायक पवन बंशीवाल राजस्थान
जगदल, पश्चिम बंगाल। भारतीय बौद्ध महासभा (दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया) पश्चिम बंगाल की उत्तर 24 परगना जिला शाखा की ओर से अम्बेडकर बुद्ध विहार, केला बागान, जगदल में 17 सितंबर 2026 को वर्षावास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण के साथ हुई। इसके बाद तथागत गौतम बुद्ध और बोधिसत्व बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर एवं मोमबत्ती प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में सूर्यपुत्र भैय्यासाहेब यशवंतराव आंबेडकर के स्मृति दिवस के अवसर पर उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, त्याग, सामाजिक योगदान तथा बहुजन समाज के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर महाबोधि महाविहार आंदोलन के जनक बौद्ध भिक्षु अनागरिक धम्मपाल के जीवन एवं योगदान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि श्रीलंका में जन्मे अनागरिक धम्मपाल ने बौद्ध धम्म को अपनाकर अपना जीवन धम्म के प्रचार-प्रसार और महाबोधि महाविहार से जुड़े आंदोलन को समर्पित किया।
कार्यक्रम में महान समाज सुधारक ई.वी. रामास्वामी पेरियार की जयंती के उपलक्ष्य में उनके सामाजिक आंदोलन और विचारों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और सामाजिक असमानता के विरुद्ध पेरियार द्वारा किए गए आंदोलनों तथा उनके तर्कवादी विचारों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में भारतीय बौद्ध महासभा पश्चिम बंगाल शाखा के अध्यक्ष श्रीकान्त बौद्ध, पर्यटक सचिव विश्राम प्रसाद बौद्ध, बौद्धाचार्य मोहन राम बौद्ध, सोहन जैसवारा बौद्ध, रामधीन बौद्ध तथा उपासक जय प्रकाश बौद्ध सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं अनुयायी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने वर्षावास की प्रासंगिकता के साथ-साथ बुद्ध धम्म, सामाजिक परिवर्तन और महापुरुषों के योगदान पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में ‘सब्बे सत्ता सुखी हों’ की भावना के साथ मंगलकामना की गई। उपस्थित लोगों ने सभी के कल्याण और मंगल की कामना की।
सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो।

