प्रदेश प्रभारी रविन्द्र माली ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का दिया आह्वान।
मूकनायक न्यूज/सिरोही/राजस्थान।
सिरोही, 13 सितम्बर 2026। बामसेफ (BAMCEF) एवं राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ के तत्वावधान में रविवार को रीको क्षेत्र (शिवगंज रोड) स्थित खुशबु केटर्स बैंक्वेट हॉल में 11वां सिरोही जिला अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अधिवेशन समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय पर आधारित समाज व राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आयोजित किया गया, जिसमें सिरोही सहित प्रदेश के कई जिलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम का उद्घाटन प्रिंसिपल आयुष्मति संतोष आर्य द्वारा किया गया। अधिवेशन के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS बनाम NPS), 2027 की जनगणना में ओबीसी (OBC) का कॉलम शामिल न करने की कथित साजिश, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के दूरगामी प्रभाव और पूना पैक्ट 1932 जैसे गंभीर मुद्दों पर गहरा वैचारिक मंथन हुआ।अधिवेशन में नर्सिंग एसोसिएशन जयपुर के प्रदेश कार्याध्यक्ष जीवतदान चरण, भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रमेश चंद जाटव बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बामसेफ के राजस्थान प्रदेश प्रभारी रविन्द्र माली ने की, जबकि मुख्य अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के जिला अध्यक्ष शंकरलाल बुनकर रहे।मुख्य अतिथि शंकरलाल बुनकर ने निजीकरण, उदारीकरण और भूमंडलीकरण (LPG) की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “इन आर्थिक नीतियों के माध्यम से बहुजन समाज को एक बार फिर गुलाम बनाने की साजिश रची जा रही है। जब तक एक मजबूत और एकजुट जन आंदोलन का निर्माण नहीं किया जाता, तब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।”प्रदेश प्रभारी व अध्यक्ष रविन्द्र माली ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा, “संगठन को केवल जिला स्तर तक सीमित न रखकर ‘बूथ लेवल’ तक मजबूत करना होगा। जमीनी स्तर पर वैचारिक चेतना फैलाना ही हमारी असली ताकत है।”राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक राम कुमार चावला ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के विषय पर मार्गदर्शन देते हुए सामाजिक व राजनीतिक व्यवस्था की बारीकियों को समझाया। वहीं, गोमाराम रमेशा ने कहा कि केवल निष्ठावान कार्यकर्ता ही हमारे महापुरुषों की मूल विचारधारा को ईमानदारी से जन-जन तक पहुंचा सकते हैं।संगठन के पदाधिकारी तोलाराम फाचरिया ने बताया कि इस महा-अधिवेशन में बामसेफ के साथ-साथ भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ (ट्रेड यूनियन), प्रोटॉन, क्षत्रिय मूलनिवासी महासंघ, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा जैसे प्रमुख संगठनों ने भागीदारी की। अधिवेशन में सिरोही के अलावा पाली, उदयपुर, जालौर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी रही।मंच का कुशल संचालन बामसेफ के जिला अध्यक्ष संजय कुमार नारोलिया ने किया तथा अंत में तोलाराम फाचरिया ने सभी अतिथियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर अधिवेशन को सफल बनाने में बंशीधर पहाड़िया, एडवोकेट सुंदरलाल मोसलपुरिया, सुरेश कुमार नोगिया, माधुराम ओर, प्रवीण सिंह, मुकेश गमेती, गुल मोहम्मद, कपूराराम पारंगी, कपूराराम डांगी, गोविंद जीनगर, धन्नालाल डाबी, नगाराम परमार, मंजू मोसलपुरिया, त्रिजा, रजनी निर्मल, कलावती, ऊषा राठौड़, रमेश कुमार सोलंकी, प्रताप चौहान और डॉ. सी. पी. मकवाना सहित सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

