मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट स्टेट सब एडिटर संतकबीरनगर/ उत्तर प्रदेश
संतकबीरनगर। थाना दुधारा क्षेत्र में पत्रकार को कथित रूप से पेट्रोल पंप से पकड़कर पूछताछ के नाम पर थाने ले जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने देर रात डीजीपी, मानवाधिकार आयोग और बस्ती रेंज के डीआईजी को ई-मेल भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा दोषी
*पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है*
शिकायत के अनुसार 12 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे पत्रकार थाना दुधारा क्षेत्र स्थित पेट्रोल पंप पर मौजूद थे आरोप है कि इसी दौरान थाना दुधारा के पुलिसकर्मी संजय प्रसाद, हरिप्रसाद और मोतीलाल वहां पहुंचे और पत्रकार को पकड़कर मोटरसाइकिल से थाने ले गए आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें केवल इतना बताया कि “साहब ने बुलाया है।”
पत्रकार की ओर से आरोप लगाया गया है कि थाने में पूछताछ के नाम पर उनके साथ मानसिक प्रताड़ना एवं दुर्व्यवहार किया गया
मामले में पुलिस कार्रवाई की एक रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने की बात भी सामने आई है जिस दौरान जबरन गाड़ी पर बैठाने के दौरान की
पत्रकार प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर उक्त रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी और मानवाधिकार आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी
*पत्रकार प्रतिनिधिमंडल का सीधा सवाल*
मामले को लेकर पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि पत्रकार के विरुद्ध कोई संज्ञेय अपराध नहीं था, गिरफ्तारी नहीं की गई थी और केवल पूछताछ करनी थी तो रात करीब 9 बजे पेट्रोल पंप से उन्हें कथित रूप से जबरन पकड़कर थाने क्यों ले जाया गया?
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि पत्रकार को किस कानूनी अधिकार के तहत थाने लाया गया क्या उन्हें कोई विधिसम्मत नोटिस दिया गया था और थाने लाने की कार्रवाई की जीडी में क्या प्रविष्टि दर्ज की गई
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है और पूरे घटनाक्रम को लेकर जवाब देना होगा यदि पुलिस की कार्रवाई विधि सम्मत थी तो संबंधित पुलिसकर्मियों को यह बताना होगा कि किस प्रावधान के तहत पत्रकार को रात में सार्वजनिक स्थान से थाने लाया गया
*मोबाइल फोन कब्जे में लेने पर भी सवाल*
आरोप है कि पत्रकार का मोबाइल फोन भी पुलिसकर्मियों द्वारा अपने कब्जे में लिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि मोबाइल कब्जे में लेने वाले पुलिसकर्मी आदेश देने वाले अधिकारी वैधानिक आधार और यदि कोई जब्ती की गई तो उसके दस्तावेज की भी जांच हो
*बस्ती डीआईजी,डीजीपी , और मानवाधिकार आयोग को राष्ट्रीय अध्यक्ष का ई-मेल*
राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देर रात डीजीपी, मानवाधिकार आयोग तथा बस्ती रेंज के डीआईजी को ई-मेल भेजा। शिकायत में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गरिमा और विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के पालन का मुद्दा उठाया गया है
ई-मेल में D.K. Basu बनाम State of West Bengal, Joginder Kumar बनाम State of U.P. तथा Arnesh Kumar बनाम State of Bihar के सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता की जांच कराने की मांग की गई है साथ ही BNSS के तहत गिरफ्तारी, नोटिस, पूछताछ और हिरासत से संबंधित प्रक्रिया के पालन की भी जांच की मांग की गई है
*रात करीब 1:30 बजे छोड़े गए पत्रकार*
मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ई-मेल भेजे जाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मामला उठाए जाने के बाद पत्रकार राहुल त्रिपाठी को रात करीब 1:30 बजे छोड़ दिया गया। अब पत्रकार संगठन इस पूरे घटनाक्रम का जवाब पुलिस अधिकारियों से मांगने की तैयारी में है
*सोमवार को मिलेगा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल*
तीन पुलिसकर्मियों संजय प्रसाद, हरिप्रसाद और मोतीलाल तथा थाना प्रभारी दुधारा अमित कुशवाहा की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को पत्रकार प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा
प्रतिनिधिमंडल पेट्रोल पंप के सीसीटीवी, थाना परिसर के सीसीटीवी,रोजनामचा, पुलिसकर्मियों की ड्यूटी एवं मूवमेंट रिकॉर्ड, मोबाइल कब्जे से संबंधित दस्तावेज और घटना की सुरक्षित रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग करेगा
पत्रकार प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि कोई संज्ञेय अपराध नहीं था तो रात 9 बजे के बाद पत्रकार को पकड़कर थाने ले जाने का आधार पुलिस को स्पष्ट करना होगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पत्रकार की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

