मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट स्टेट सब एडिटर लखनऊ/ उत्तर प्रदेश
लखनऊ। आयुष छात्रों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए जा रहे हैं। छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इसी क्रम में 11 सितंबर को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयुष छात्रों ने बड़ी संख्या में जुटकर जोरदार प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग है कि उन्हें वर्तमान में मिल रहा ₹7,000 का स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किया जाए छात्रों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड में पढ़ाई, प्रशिक्षण, आने-जाने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना मुश्किल है। इसी वजह से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग लगातार उठाई जा रही है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच बल प्रयोग का आरोप
प्रदर्शन को लेकर आंदोलन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों का दावा है कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान बल प्रयोग किया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग हुआ। महिला प्रदर्शनकारियों ने भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके साथ बल प्रयोग किया गया और कुछ महिलाओं के कपड़े तक फट गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
छात्रों का सवाल—बातचीत से क्यों नहीं निकाला जा रहा समाधान?
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में उनकी बात सुनने और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बजाय यदि उन्हें हिरासत में लिया जाता है या बल प्रयोग किया जाता है तो इससे समस्या का समाधान नहीं होगा।
छात्रों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग को आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
प्रदेशभर में जारी है आंदोलन
आयुष छात्रों का कहना है कि यह केवल लखनऊ तक सीमित आंदोलन नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
अब 11 सितंबर को लखनऊ में हुए प्रदर्शन और पुलिस पर लगाए गए बल प्रयोग के आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया है। छात्रों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी महिला प्रदर्शनकारी या अन्य छात्र के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए।
₹7 हजार से ₹25 हजार—छात्रों की मुख्य मांग
आयुष छात्रों की मांग का केंद्र स्टाइपेंड में बढ़ोतरी है। छात्र ₹7,000 से बढ़ाकर ₹25,000 मासिक स्टाइपेंड किए जाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए ताकि लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सके।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलन और असहमति की आवाज को संवाद के जरिए सुनना ही किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का बेहतर रास्ता है। अब देखना होगा कि सरकार आयुष छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

