मूकनायक/ रिपोर्टर अनिकेत निषाद प्रयागराज/ उत्तर प्रदेश
प्रयागराज। नैनी क्षेत्र के अरैल घाट पर लगातार मछली पकड़े जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार घाट और नदी क्षेत्र में कुछ लोग नियमित रूप से मछली पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में नदी में मछली संरक्षण से जुड़े नियमों और उनकी निगरानी को लेकर चिंता जताई जा रही है।
प्रयागराज में मत्स्य आखेट के लिए ठेका/पट्टा व्यवस्था के साथ-साथ प्रतिबंधित अवधि का प्रावधान भी है। जिला मत्स्य अधिकारी के 2025-26 के दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि मत्स्य आखेट निर्धारित व्यवस्था और प्रतिबंधित अवधि के अधीन ही किया जा सकता है।
अरैल घाट पर जल पुलिस की मौजूदगी भी रहती है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में जल पुलिस अरैल का उल्लेख है, जबकि हाल में अरैल समेत प्रमुख घाटों पर जल सुरक्षा व्यवस्था भी सक्रिय रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अरैल घाट पर मछली पकड़ने की गतिविधियों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित लोगों के पास वैध अनुमति/पट्टा है या नहीं। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र अथवा प्रतिबंधित अवधि में नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

