अंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़, शहर की शांति भंग करने का प्रयास
मूकनायक | स्वराज मेश्राम |बिलासपुर – प्रशासनिक हृदय स्थल में स्थित डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। अज्ञात तत्वों द्वारा प्रतिमा के गले में फाशीनुमा रस्सी डालने, सिर के ऊपर पन्नी व ताश की पत्ती रखने तथा कान में बीड़ी लगाने जैसी हरकत किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अंबेडकर विचारधारा से जुड़े लोगों में आक्रोश और रोष व्याप्त है।
घटना को लेकर समाज के वरिष्ठजनों एवं अंबेडकर विचारधारा के अनुयायियों ने इसे शहर के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास बताया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित महापुरुष की प्रतिमा के साथ इस प्रकार की हरकत किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही प्रशासन की पहल पर बिलासपुर में शांति मार्च का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न धर्मों एवं वर्गों के लोगों ने सहभागिता कर शहर में आपसी भाईचारे और अमन-चैन का संदेश दिया था। ऐसे समय में अंबेडकर प्रतिमा के साथ इस प्रकार की घटना सामने आने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के बाद अंबेडकर विचारधारा के अनुयायियों ने पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
अनुयायियों का कहना है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकर विचारधारा से जुड़े संगठनों एवं अनुयायियों से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शहर की शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है, लेकिन महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।




