
कटंगी, किरनापुर, लांजी और वारासिवनी में बदले एसडीएम; परसवाड़ा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा
संवाददाता : सत्यशील गोंडाने, बालाघाट
बालाघाट, 31 अगस्त। जिले में प्रशासनिक कार्य व्यवस्था के तहत कलेक्टर कुमार सत्यम ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच नए सिरे से कार्य विभाजन किया है। जारी आदेश के अनुसार जिले के विभिन्न अनुविभागों में अधिकारियों को एसडीएम का दायित्व सौंपा गया है।
कार्य विभाजन के तहत संयुक्त कलेक्टर विजय सिंह यादव को कटंगी अनुविभाग का एसडीएम बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर कमलचंद सिंहसार को किरनापुर एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आदित्य नारायण तिवारी को लांजी एसडीएम तथा श्रीश प्यासी को वारासिवनी एसडीएम का प्रभार सौंपा गया है।
परसवाड़ा का अतिरिक्त प्रभार
जारी आदेश के अनुसार डिप्टी कलेक्टर श्रीश प्यासी को वारासिवनी के साथ परसवाड़ा अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस प्रकार वे वारासिवनी के साथ परसवाड़ा की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
एसडीएम स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के रूप में एसडीएम स्तर के अधिकारियों के समक्ष राजस्व प्रकरणों का निराकरण, जनसुनवाई, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी।
बालाघाट जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। नए कार्य विभाजन के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने अनुविभागों में प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों का संचालन करेंगे।
जनसमस्याओं के निराकरण पर रहेगा ध्यान
नए दायित्वों के साथ अधिकारियों के सामने आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के नियमानुसार निराकरण की जिम्मेदारी भी रहेगी। राजस्व, पेयजल, सड़क, बिजली, कृषि, राशन और अन्य स्थानीय विषयों से संबंधित मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करना प्रशासनिक कार्य व्यवस्था का हिस्सा होगा।
पांच अनुविभागों में नई जिम्मेदारियां
प्रशासनिक कार्य विभाजन के तहत कटंगी में विजय सिंह यादव, किरनापुर में कमलचंद सिंहसार, लांजी में आदित्य नारायण तिवारी और वारासिवनी में श्रीश प्यासी एसडीएम की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा श्रीश प्यासी को परसवाड़ा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
नए कार्य विभाजन के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने अनुविभागों में प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व कार्यों का संचालन करेंगे।

