सहकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर सेवानिवृत्त हुए के.एन. कान्डे
//////अपेक्स बैंक की वित्तीय मजबूती से लेकर दूरस्थ अंचलों में शाखा विस्तार तक निभाई अहम भूमिका////
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै
छत्तीसगढ़ प्रभारी
रायपुर,
सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक के लिए सोमवार का दिन भावुक कर देने वाला रहा। अपर आयुक्त, सहकारिता एवं प्रबंध संचालक, अपेक्स बैंक के.एन. कान्डे 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक मुख्यालय के सभागार में आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके दीर्घ अनुभव एवं योगदान को याद किया।
विदाई समारोह में अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त केदार गुप्ता ने कहा कि श्री कान्डे ने अपने लंबे सेवाकाल में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा, मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना अंबिकापुर तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना पंडरिया की स्थापना में उनका अहम योगदान रहा।
कान्डे ने जुलाई 2020 में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक का पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में बैंक की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय मजबूती आई। वर्ष 2020-21 में 160 करोड़ रुपये की शेयर कैपिटल बढ़कर वर्ष 2025-26 में 246 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में रिजर्व फंड 389 करोड़ से बढ़कर 809 करोड़, डिपॉजिट 5,550 करोड़ से बढ़कर 8,653 करोड़ तथा वर्किंग कैपिटल 7,493 करोड़ से बढ़कर 11,901 करोड़ रुपये हो गया।
395 पदों पर पारदर्शी भर्ती, शाखाओं का भी हुआ विस्तार
कान्डे के मार्गदर्शन और समन्वय में प्रदेश के को-ऑपरेटिव बैंकों में नवीन संवर्ग के 395 पदों पर भर्ती प्रक्रिया निर्विवाद और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। दूरस्थ क्षेत्रों और वनांचलों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए नई शाखाएं खोलने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में कुनकुरी, सरिया, तमनार, बगीचा और फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखाएं शुरू की गईं।
प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में शाखाओं की संख्या वर्ष 2020-21 के 302 से बढ़कर 2025-26 में 345 हो गई। इसी अवधि में एटीएम की संख्या भी 30 से बढ़कर 269 हो गई।
कम्प्यूटरीकरण और पैक्स निर्माण में भी योगदान
संयुक्त आयुक्त संदीप गुप्ता ने कहा कि को-ऑपरेटिव बैंकों और पैक्स सोसाइटियों के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण की दिशा में श्री कान्डे की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके कार्यकाल में प्रदेश की 725 पैक्स सोसाइटियों में कार्यालय-सह-गोदाम निर्माण पूरा किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन तथा वर्ष 2026 में लाभांडी स्थित कृषि मंडपम में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन भी श्री कान्डे के मार्गदर्शन में हुआ।
‘मृदुभाषी और किसान हितैषी अधिकारी’ के रूप में याद किए गए
अपर आयुक्त श्रीमती सावित्री भगत ने श्री कान्डे के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वे पूरे सेवाकाल में मृदुभाषी, व्यवहारिक, कुशल समन्वयक और कुशल प्रशासक रहे। उन्होंने हमेशा किसान हितों को प्राथमिकता दी तथा जनसमस्याओं को समझकर उनके समाधान का प्रयास किया। विधि सम्मत कार्यशैली के कारण उन्होंने विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई।
समारोह में मौजूद अधिकारियों ने श्री कान्डे के कार्यकाल को सहकारिता क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से जुड़ा बताया। अधिकारियों ने कहा कि उनके अनुभव, सहज व्यवहार और समन्वय क्षमता ने विभाग तथा अपेक्स बैंक को कई महत्वपूर्ण अवसरों पर दिशा दी।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, मार्कफेड, शक्कर कारखानों तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्री कान्डे के स्वस्थ, सुखद और सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।



