मूकनायक/नरेश कुमार जाटव/ कैलादेवी/करौली/राजस्थान।
दलित अधिकार केंद्र (DAK), जयपुर के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के माननीय अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना से मुलाकात की। इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में टीम ने राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में दलित समुदाय के खिलाफ बढ़ रहे गंभीर अपराधों, भूमि विवादों और हत्या (Murder) के मामलों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।इस प्रतिनिधिमंडल में दलित अधिकार केंद्र, जयपुर के डायरेक्टर सतीश कुमार जी और एडवोकेट हेमंत मिमरोथ जी के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता चंदा लाल, कश्मीरा, खुशबू, मांगी लाल, पलाश व अन्य प्रमुख सोशल वर्कर शामिल रहे।प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष के समक्ष हाल ही में सामने आए भूमि विवादों से जुड़े खूनी संघर्षों और दलितों की हत्या के मामलों को प्रमुखता से उठाया। चर्चा के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया:भूमि विवाद और बेदखली: दलित समुदाय को आवंटित जमीनों पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और विरोध करने पर जानलेवा हमले करने के मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।हत्या के मामलों में न्याय: दलितों की हत्या (Murder Cases) के संगीन मामलों में पुलिस प्रशासन की शिथिलता, कमजोर जांच और गवाहों को सुरक्षा न मिलने के कारण आरोपियों के बरी होने जैसी न्यायिक चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।SC/ST कानून का प्रभावी क्रियान्वयन: अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत दर्ज मामलों की तय समय सीमा (60 दिन) में जांच पूरी करने और पीड़ितों को तुरंत कानूनी व आर्थिक सहायता दिलाने पर जोर दिया गया।प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अध्यक्ष महोदय को अवगत कराया कि जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक उदासीनता के कारण विवाद खूनी रूप ले लेते हैं, जिसके चलते दलित परिवारों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना ने इन मुद्दों को अत्यंत गंभीर माना। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोग भूमि विवादों और हत्या जैसे संवेदनशील मामलों में सीधे हस्तक्षेप करेगा। साथ ही, उन्होंने संबंधित राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ितों की सुरक्षा और मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी करने का भरोसा दिया।

