Tuesday, September 29, 2026
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विश्व आदिवासी दिवस पर बिलासपुर में दिखी जनजातीय संस्कृति की भव्य झलक

पारंपरिक वेशभूषा में निकली विशाल रैली, जल-जंगल-जमीन और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का दिया संदेश

बिलासपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बिलासपुर शहर जनजातीय संस्कृति, परंपरा, सामाजिक एकजुटता और प्रकृति संरक्षण के संदेश से सराबोर नजर आया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित विशाल रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-मांदर की गूंज, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शहर की सड़कों पर जनजातीय संस्कृति की समृद्ध विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

रैली की शुरुआत जरहाभाटा छात्रावास से हुई। नगर विधायक अमर अग्रवाल ने रैली को झंडा दिखाकर रवाना किया। इसके बाद रैली अंबेडकर चौक, सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड, गोलबाजार सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः जरहाभाटा छात्रावास पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज के लोगों ने पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन किया।

रैली के दौरान जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का विशेष संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने बताया कि जनजातीय समाज की जीवनशैली सदियों से प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और सामंजस्य पर आधारित रही है। जंगलों, जलस्रोतों, भूमि और जैव विविधता का संरक्षण आदिवासी जीवन एवं संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। वर्तमान समय में जब पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की चुनौती लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्रकृति के प्रति जनजातीय समाज की पारंपरिक सोच समाज के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा प्रस्तुत करती है।

सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपराओं, अधिकारों और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध को स्मरण करने का महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता आया है और प्रकृति को जीवन का आधार मानता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सुभाष परते ने कहा कि आधुनिकता और विकास के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। युवाओं को अपनी भाषा, परंपरा, लोककला और प्रकृति संरक्षण की विरासत से जोड़कर ही सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत किया जा सकता है। विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई रैली सामाजिक एकजुटता के साथ-साथ समाजहित, सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का माध्यम बनी है।

रैली में युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने मांदर और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इससे बिलासपुर शहर में जनजातीय लोकजीवन और सांस्कृतिक विविधता का आकर्षक वातावरण निर्मित हुआ। रैली के माध्यम से समाज ने यह संदेश भी दिया कि अपनी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण केवल किसी एक समुदाय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करने का सामूहिक दायित्व है।

सर्वसमाज की सहभागिता ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा

विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की भी सहभागिता रही। भाजपा, कांग्रेस सहित क्रांति सेना के पदाधिकारी रैली में पहुंचे और समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं। बौद्ध समाज द्वारा भी रैली का स्वागत किया गया। विभिन्न सामाजिक वर्गों की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान का व्यापक संदेश दिया।

इस अवसर पर शासकीय सेवक संघ से रामचंद्र ध्रुव सहित शिव चेचाम, रंगिया प्रधान, महिला प्रदेश अध्यक्ष सविता साय, देव सिंग मार्को, संतोष नेताम, मनोज मरावी, सूरज मरकाम, पकंज परते, आयुष सिंह राज, शुभम मरावी, त्रिलोकी मार्को, अंकित नेताम, नकुल मरावी, हेमंत मरकाम, अभिषेक प्रधान, विजय ध्रुव, अनूप ध्रुवे, अजय प्रधान, जनक राम ध्रुव, संजय ध्रुव सहित समाज के अनेक प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने रखा कि जनजातीय संस्कृति भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विश्व आदिवासी दिवस समाज की पहचान, गौरव और अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का संकल्प लेने का अवसर भी है। बिलासपुर में निकली विशाल रैली ने इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सम्मान का प्रभावशाली संदेश दिया।

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