Tuesday, September 29, 2026
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स्कूल से घर लौट रहे शिक्षक को ट्रक ने कुचला, अस्पताल में मौत

परिवार के पालनहार रणदीप बोरकर की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, पत्नी और दो मासूम बच्चों का छिना सहारा

संवाददाता- सत्यशील गोंडाने, बालाघाट

बालाघाट। स्कूल की छुट्टी के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे शिक्षक रणदीप पिता वासुदेव बोरकर (46) की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। गांगुलपारा के पास एक ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षक की असमय मौत से शिक्षा जगत में भी शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार वारासिवनी के वार्ड क्रमांक-01 स्थित अमृत नगर निवासी रणदीप बोरकर वनग्राम खारा स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। शनिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद वे प्रतिदिन की तरह बाइक से वारासिवनी स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांगुलपारा के पास उनकी बाइक को एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में उनके पसलियों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल रणदीप बोरकर को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

अस्पताल चौकी पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम

रविवार को चिकित्सक की सूचना पर अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद मर्ग डायरी संबंधित थाना क्षेत्र को भेजी जाएगी, जहां मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

परिवार के पालनहार थे रणदीप, अब दो मासूम बच्चों से छिना पिता का साया

रिश्तेदार दिलीप मेश्राम ने बताया कि रणदीप बोरकर परिवार के प्रमुख सहारे थे। उनकी अचानक सड़क हादसे में मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रणदीप बोरकर की असमय मौत से उनके सहकर्मियों और शिक्षा जगत में भी शोक की लहर है। सहकर्मियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

एक सड़क हादसे ने एक परिवार का महत्वपूर्ण सहारा छीन लिया। दो मासूम बच्चों ने अपने पिता को खो दिया और परिवार को ऐसी पीड़ा मिली, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। घटना ने एक बार फिर सड़क पर सावधानी और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

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