मूकनायक/नरेश कुमार जाटव/ कैलादेवी/करौली/राजस्थान।
करौली, 5 अगस्त। अतिरिक्त जिला कलक्टर महावीर सिंह की अध्यक्षता में राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) द्वारा करौली शहर के लिए प्रस्तावित 33.20 करोड़ रुपये की अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजना के संबंध में संवाद कार्यक्रम डीओआईटीसी के वीसी कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना की रूपरेखा, उद्देश्य, स्वीकृति प्रक्रिया एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए। कार्यक्रम में नगर परिषद, करौली के पार्षदों ने भी भाग लिया।
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि करौली शहर एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तीय सहयोग से संचालित राजस्थान अर्बन लैंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित 67 शहरों में शामिल है। इस परियोजना के तहत राज्य के 67 शहरों में लगभग 4,047 करोड़ रुपये की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन संबंधी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि करौली के लिए प्रस्तावित 33.20 करोड़ रुपये की परियोजना के माध्यम से शहर में वर्तमान अपशिष्ट जल अवसंरचना की सभी कमियों को दूर करते हुए 100 प्रतिशत अपशिष्ट जल संग्रहण, परिवहन एवं उपचार की व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही उपचारित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देकर जल संरक्षण एवं सतत जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि डीपीआर तैयार करने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों से परामर्शदाता चयन हेतु 30 जुलाई 2026 को निविदा जारी की जा चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 निर्धारित है। परामर्शदाता के चयन के बाद शहर की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं तथा जनप्रतिनिधियों एवं हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
इस दौरान परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना राज्य सरकार, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नीति आयोग, आर्थिक कार्य विभाग तथा एशियन डेवलपमेंट बैंक की निर्धारित स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत क्रियान्वित की जाएगी।
संवाद कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने शहर की आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजना को अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी व्यवहारिक सुझावों को डीपीआर तैयार करते समय समुचित महत्व दिया जाएगा। आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार शर्मा ने करौली में परियोजना के पांचवे चरण में किये जाने वाले कार्यों की जानकारी एक प्रजन्टेशन के माध्यम से दी। प्रतिभागियों को विभाग की ओर से आश्वस्त करते हुये कहा कि परियोजना कार्यो को गुणवत्ता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जायेगा साथ ही वर्कशॉप में मिले सुझावों को परियोजना में शामिल किया जायेगा। आरयूआईडीपी के ही गौरव गुप्ता, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने कार्यशाला में एक वृतचित्र के माध्यम से आरयूआईडीपी द्वारा किये जा रहे कार्यों को दर्शाया। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर व अन्य कार्यो के बारे में अपनी जिज्ञासाओं से सम्बंधित जानकारी ली।
इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता चंदप्रकाश, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीणा, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, मीडिया प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

