मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट उप संपादक उत्तर प्रदेश बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरा पुरेप्रसाद की अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ी महिला मनरेगा मजदूरों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि मनरेगा कार्य के दौरान उनके साथ जातिसूचक गाली-गलौज, अभद्रता, मारपीट, जान से मारने की धमकी तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। मामले में नामजद एवं अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है शिकायत के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को शाम लगभग 4:30 बजे मनरेगा योजना के अंतर्गत तालाब की साफ-सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान सुरेन्द्र चौधरी, अमित चौधरी तथा उनके साथ आए तीन अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिलों से मौके पर पहुंचे और बिना अनुमति मजदूरों का वीडियो बनाने लगे। आरोप है कि उन्होंने कहा कि मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं मिलेगा। विरोध करने पर कथित रूप से अनुसूचित जाति को लक्ष्य बनाकर जातिसूचक एवं अश्लील गालियां दी गईं, हाथ पकड़कर धक्का दिया गया तथा भविष्य में जान से मारने की धमकी दी गई महिला मजदूरों का कहना है कि घटना के बाद तत्काल डायल-112 पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उसके पहले ही सभी आरोपी वहां से चले गए शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 31 जुलाई 2026 को भी मनरेगा कार्यस्थल पर सुरेन्द्र चौधरी पहुंचे थे और कथित रूप से धमकी दी थी कि अखबार में खबर प्रकाशित कराकर मजदूरी का भुगतान रुकवा देंगे तथा किसी भी मजदूर को भुगतान नहीं होने देंगे पीड़ित महिलाओं का कहना है कि लगातार धमकियों और कथित उत्पीड़न से उनमें भय का माहौल है। उनका आरोप है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से जातीय आधार पर उनका अपमान किया गया, जिससे उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में नामजद एवं अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कठोर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के साथ अखबार की प्रति, थाना पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र की प्रति तथा घटना से संबंधित वीडियो भी संलग्न किए गए हैं
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एवं पुलिस विवेचना के बाद ही हो सकेगी

