मौत को मात देने वाली इंसानियत: गणेश कुमार बिंद एवं समाजसेवियों की तत्परता से बची अभिषेक मिश्रा की जान
मूकनायक
जहुर अली
भदौरा (अकलतरा/बिलासपुर)। अकलतरा–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम भदौरा के समीप मंगलवार सुबह लगभग 10:00 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना में आम आदमी पार्टी के कार्यकारिणी अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। समय पर दिखाई गई सूझबूझ, तत्परता और मानवता का परिचय देते हुए समाजसेवी गणेश कुमार बिंद ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय रहते उनका उपचार शुरू हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक मिश्रा अपनी कार से रायपुर में आयोजित एक आवश्यक बैठक में शामिल होने जा रहे थे। ग्राम भदौरा के समीप मुख्य मार्ग पर गांव से निकल रहे एक अज्ञात वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में उनके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही गणेश कुमार बिंद अपने एक साथी के साथ बिना समय गंवाए दोपहिया वाहन से घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने घायल अभिषेक मिश्रा को तत्काल बिलासपुर स्थित केयर एंड क्योर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। डॉक्टरों के अनुसार अभिषेक मिश्रा फिलहाल खतरे से बाहर हैं, हालांकि उनकी विस्तृत चिकित्सीय जांच जारी है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही रायपुर किसी आवश्यक कार्य से जा रहे समाजसेवी सरदार जसबीर सिंह चावला भी तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपचार की व्यवस्था का जायज़ा लिया, आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया और स्थिति सामान्य होने के बाद रायपुर के लिए रवाना हुए।
इसी बीच तनवीर शादाब एवं सरदार जसबीर सिंह चावला से सूचना मिलने पर शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी अलीम अंसारी भी तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से मुलाकात कर अभिषेक मिश्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके परिजनों को डॉक्टरों द्वारा दी गई जानकारी से अवगत कराते हुए भरोसा दिलाया कि वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। इस दौरान डॉ. रविकांत सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
घटनास्थल एवं अस्पताल में ललित बघेल, प्रेम प्रकाश पांडे सहित अन्य लोगों ने भी राहत एवं सहयोग कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भदौरा कट बना हादसों का ब्लैक स्पॉट, सुरक्षा व्यवस्था की मांग तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम भदौरा स्थित यह कट लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। जयरामनगर एवं आसपास के गांवों के लोग इसी मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रवेश करते हैं, लेकिन यहां पर्याप्त डिमार्केशन, चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव है। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इस मार्ग पर बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों का जमावड़ा भी दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। विशेषकर सुबह एवं शाम के समय मवेशियों के अचानक सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को वाहन नियंत्रित करने में कठिनाई होती है, जिससे गंभीर हादसों की आशंका बढ़ जाती है। नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि इस दुर्घटनाजनक स्थल पर डिमार्केशन, चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल, प्रकाश व्यवस्था तथा आवारा मवेशियों को सड़क से हटाने की प्रभावी व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए।
उपचार के दौरान हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. तरुण सिंह की तत्परता और चिकित्सकीय दक्षता भी सराहनीय रही। समय पर चिकित्सकीय निर्णय, बेहतर उपचार एवं सतत निगरानी ने घायल अभिषेक मिश्रा की स्थिति को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि संकट की घड़ी में समय पर की गई मदद, समाजसेवियों की संवेदनशीलता और चिकित्सकों की तत्परता किसी भी व्यक्ति के लिए नया जीवन साबित हो सकती है। वहीं, भदौरा कट पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं, जिन पर संबंधित विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।


