116 आवेदकों की फरियाद सुनी, छात्राओं को जनसुनवाई भेजने पर प्राचार्य के दो दिन का वेतन काटने के निर्देश; पेंशन, आवास, छात्रवृत्ति, पेयजल और शिक्षा से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश
मूकनायक समाचार सत्यशील गोंडानें / बालाघाट (मध्यप्रदेश )
बालाघाट जिले में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई इस बार केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम ने प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन का स्पष्ट संदेश भी दिया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे 116 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे एवं डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर राहुल नायक, एमआर कोल, विजय यादव तथा एसडीएम गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
छात्राओं को जनसुनवाई भेजने पर कलेक्टर सख्त, प्राचार्य का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश
*जनसुनवाई का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित मामला कटंगी विकासखंड के बावनथड़ी गुरुकुल हायर सेकेंडरी स्कूल बम्हनीकी छात्राओं का रहा। छात्राएं स्कूल की मूलभूत सुविधाओं की शिकायत लेकर शाला प्रबंधन समिति के सदस्य के साथ सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गईं।
यह देखकर कलेक्टर कुमार सत्यम ने स्पष्ट नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का स्थान कक्षा में है, जनसुनवाई में नहीं। उन्होंने छात्राओं को तत्काल वापस विद्यालय भेजने के निर्देश दिए तथा जिला शिक्षा अधिकारी को आदेशित किया कि विद्यालय समय में छात्राओं को जनसुनवाई भेजने वाले प्राचार्य के दो दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने साथ ही निर्देश दिए कि छात्राओं द्वारा बताई गई सभी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा भविष्य में किसी भी विद्यार्थी को पढ़ाई छोड़कर इस प्रकार की जनसुनवाई में नहीं भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसी स्थिति बनी तो संबंधित प्राचार्य अथवा प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आठ माह से बंद पेंशन, बैंक पर लापरवाही का आरोप
किरनापुर निवासी फुलकन्या सारंगपुरे ने बताया कि पिछले आठ महीनों से उनकी पारिवारिक पेंशन बंद है। उन्होंने कहा कि एसबीआई किरनापुर शाखा में बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अग्रणी बैंक प्रबंधक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर पेंशन पुनः प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
खेलकूद अतिथि शिक्षकों ने मांगी च्वाइस फिलिंग की सुविधा
जिले के खेलकूद प्रशिक्षण से जुड़े अतिथि शिक्षकों ने सत्र 2026-27 के लिए च्वाइस फिलिंग प्रारंभ करने की मांग रखी। उनका कहना था कि विषय शिक्षकों की तरह उन्हें भी समान अवसर मिलना चाहिए।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास की 23 हजार रुपये की राशि के लिए भटक रहा हितग्राही
तिरोड़ी तहसील के निवासी जाकिर हुसैन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान निर्माण पूरा होने के बावजूद उन्हें 23 हजार रुपये कम मिले हैं। विभाग द्वारा वर्क कोड जनरेट नहीं होने का हवाला देकर भुगतान रोका जा रहा है।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले का परीक्षण कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नल तो लगा, लेकिन एक माह से पानी नहीं
बालाघाट शहर के लहरी नगर वार्ड क्रमांक 5 निवासी किशोर मेश्राम ने शिकायत की कि प्रधानमंत्री नल-जल योजना के तहत कनेक्शन मिलने के बावजूद पिछले एक माह से पानी की आपूर्ति बंद है। इससे परिवार को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कलेक्टर ने नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को तत्काल जांच कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए।
जर्जर मकान बना खतरा, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
किरनापुर के ग्राम रजेगांव निवासी कैलाश कारे ने बताया कि संयुक्त स्वामित्व वाला पुराना मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है, लेकिन उनके भाई उसे गिराने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने संभावित दुर्घटना की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
इस मामले में एसडीएम किरनापुर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मिक्सर मशीन का भुगतान दो साल बाद भी नहीं
लालबर्रा के ग्राम भांडामुर्री निवासी मनोज कटरे ने बताया कि वर्ष 2023-24 में पुलिया निर्माण कार्य में उनकी मिक्सर मशीन लगी थी, लेकिन आज तक भुगतान नहीं मिला। उनका आरोप है कि सरपंच और प्रभारी सचिव निर्माण कार्य का भुगतान प्राप्त कर चुके हैं, जबकि मशीन मालिक को राशि नहीं दी गई।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत लालबर्रा के सीईओ को जांच कर भुगतान संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गरीब महिला ने आवास योजना में नाम जोड़ने की लगाई गुहार
लांजी के ग्राम दिघोरी निवासी जीवनकला दमाहे ने बताया कि उनका मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली इस महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने की मांग की।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत लांजी के सीईओ को पात्रता परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बाजार प्रस्ताव सचिव ने रोका, पंच पहुंचे कलेक्ट्रेट
ग्राम पंचायत धनसुआ के पंच भागवत प्रसाद आखरदान ने शिकायत की कि आखरदान मैदान में साप्ताहिक बाजार लगाने का प्रस्ताव पंचायत द्वारा पारित होने के बावजूद सचिव उसे आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।
इस मामले में जनपद पंचायत बालाघाट के सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बीमार शिक्षक को हटाने की मांग
बैहर तहसील के जनजातीय बाहुल्य ग्राम हट्टा के अंतर्गत प्राथमिक शाला संजारी के पालकों ने शिकायत की कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक की तबीयत अक्सर खराब रहती है और वे नियमित अध्यापन नहीं करा पा रहे हैं।
पालकों ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षक के स्थान पर अन्य शिक्षक की पदस्थापना की मांग की। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
छात्रवृत्ति नहीं मिलने से परेशान आदिवासी छात्र
सरदार पटेल कॉलेज डोंगरिया के बीएससी अंतिम वर्ष के अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2023-24 की छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया जाता है।
कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को पूरे मामले की जांच कर पात्र विद्यार्थियों को शीघ्र छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई बनी जवाबदेही का मंच
इस बार की जनसुनवाई में केवल शिकायतें सुनने की औपचारिकता नहीं दिखाई दी, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन, शिक्षा व्यवस्था, बैंकिंग सेवाओं, पेयजल, आवास, छात्रवृत्ति और पंचायतों की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर कलेक्टर कुमार सत्यम का सख्त और संवेदनशील रुख देखने को मिला।
विशेष रूप से छात्राओं को विद्यालय छोड़कर जनसुनवाई भेजे जाने पर की गई कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि जिले में शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं आम नागरिकों की लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देशों से यह संदेश भी गया कि प्रशासन अब शिकायतों पर तेज गति से कार्रवाई करने की दिशा में काम कर रहा है।

