Tuesday, September 29, 2026
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पुलिस थाने बने व्यावसायिक सेंटर , ट्रांसपोर्ट बिजनेस की डीजीपी को जांच के आदेश , साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश

प्रयागराज 30/07/2026

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को बलिया के पुलिस कॉन्स्टेबल के कथित ट्रांसपोर्ट बिज़नेस की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पुलिसकर्मी “राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय लगातार कमर्शियल गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं”। पुलिस थाने व्यावसायिक सेंटर बन गये है।

न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने प्रदेश के डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को बलिया के रसड़ा पुलिस थाने के सभी पुलिस अधिकारियों और कॉन्स्टेबलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया है।और 10 दिन में कृत कार्यवाही का हलफनामा मांगा है।याची हरेंद्र यादव के ट्रक को असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर , बलिया द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया गया।ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई थी,जो याचिकाकर्ता और प्रतिवादी संतोष कुमार – रसड़ा पुलिस स्टेशन में तैनात कॉन्स्टेबल के बीच मालिकाना हक के विवाद से संबंधित है।

सुनवाई के दौरान,कोर्ट ने कॉन्स्टेबल से बात की, जिसने बताया कि उसने अपने जीपीएफ अकाउंट से पैसे निकाले और अपने भाई के नाम पर याचिकाकर्ता के साथ बिज़नेस शुरू किया। एक ट्रक खरीदा गया और उसे याचिकाकर्ता द्वारा चलाया जाता था। कोर्ट ने पाया कि एआरटीओ ने मालिकाना हक के विवाद के संबंध में दरोगा शिव मूर्ति तिवारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर ही वाहन को ब्लैकलिस्ट किया। बलिया के पुलिस अधीक्षक ने अपने हलफनामे में कहीं भी यह नहीं बताया कि पुलिस स्टेशन में तैनात रहते हुए ट्रांसपोर्ट बिजनेस चलाने के लिए कॉन्स्टेबल के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने कहा “यह कोर्ट हैरान है कि पुलिस स्टेशन कमर्शियल गतिविधियों की जगह बन गए हैं और पुलिसकर्मी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय बिज़नेस गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।अगर यही स्थिति रही तो कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रखी जा सकती, क्योंकि पुलिस स्टेशन बिज़नेस की जगह बन गए हैं”। कोर्ट ने आगे कहा कि रसड़ा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और बलिया के पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कॉन्स्टेबल के पक्ष में एआरटीओ, बलिया को रिपोर्ट सौंपकर उसे बचाया था। एआरटीओ ने उस गाड़ी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और उसके ट्रांसफर पर रोक लगाई थी।

कोर्ट ने कहा कि पुलिस स्टेशन कमर्शियल गतिविधियों में शामिल लगता है,जैसा कि अलग-अलग अधिकारियों द्वारा दाखिल हलफनामे और उसमें कही गई बातों से साफ था। इसके अनुसार,कोर्ट ने डीजीपी को रसड़ा पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर हो रही कमर्शियल गतिविधियों की जांच करने और वहां तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कॉन्स्टेबलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

कौशल किशोर
कौशल किशोरhttp://www.mooknayaknews.com
कौशल किशोर मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में Mooknayak में जिला ब्यूरो चीफ लखनऊ व न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत कौशल को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 6 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले कौशल अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.
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