
महासमुंद में आयोग अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा ने अधिकारियों को दिए निर्देश, स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल
महासमुंद, 29 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा ने बुधवार को महासमुंद कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक लेकर पिछड़ा वर्ग समुदाय की शासन की योजनाओं में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सदस्य यशवंत सिंह, नीलाम्बर नायक, बलदाऊ राम साहू, हरिशंकर यादव तथा आयोग के सचिव अमित श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। आयोग अध्यक्ष ने केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं में पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों की सहभागिता, विभागवार प्रगति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की।
आर.एस. विश्वकर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, स्वरोजगार और उद्योग स्थापना से संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने, बैंक ऋण, अनुदान तथा प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने और योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्योग, कौशल विकास, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। आयोग अध्यक्ष ने विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी गतिविधियों के माध्यम से समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आयोग को जिले में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि पात्र पिछड़ा वर्ग हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
बैठक के दौरान हितग्राही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना आवश्यक है तथा सभी विभाग इस दिशा में संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य करें।

