Tuesday, September 29, 2026
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नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार, बस्तियों में पहुंचा जागरूकता अभियान

‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के तहत हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विशेष पहल, उपचार और पुनर्वास से जुड़ने का दिया संदेश

बालाघाट। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के तहत शनिवार को बालाघाट पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों एवं चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं तथा नशे की लत से प्रभावित लोगों एवं उनके परिजनों से संवाद कर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित इस विशेष अभियान का जिले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सामान्य जीवन की ओर वापस लाना भी है।

संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर किया जनसंवाद

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने संवेदनशील बस्तियों तथा चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इस बुराई से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उपचार और पुनर्वास की दी जानकारी

सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान में लोगों को शासन द्वारा संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सीय सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि नशे की लत एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसका समय पर उपचार और परामर्श के माध्यम से प्रभावी समाधान संभव है।

नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है।

जरूरतमंदों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है, तो उसे छिपाने के बजाय उपचार और पुनर्वास के लिए आगे लाएं। आवश्यकता पड़ने पर मानस हेल्पलाइन 1933, नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा एमपी पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल यूनिट – 7049100785 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

बालाघाट पुलिस का यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नशामुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया है। पुलिस का मानना है कि जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और समय पर उपचार के माध्यम से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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