
पॉक्सो विशेष न्यायालय का फैसला, 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया
संवाददाता – सत्यशील गोंडाने, बालाघाट
बालाघाट। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला पुलिस की प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के आधार पर आया।
प्रकरण के अनुसार 29 अक्टूबर 2025 को नाबालिग पीड़िता की मां ने थाना ग्रामीण (नवेगांव) में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पुत्री घर के पास खेल रही थी, तभी आरोपी पंचम बारेकर (45) उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/2025 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), बालाघाट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपये के अर्थदंड तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एम)/6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
मामले की विवेचना तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली सिंह कराहलिया के मार्गदर्शन में की गई। उप निरीक्षक अमित अग्रवाल एवं उप निरीक्षक किरण वटके ने साक्ष्य संकलित कर प्रभावी विवेचना की। वहीं शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डहेरिया ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
बालाघाट पुलिस ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें। पुलिस ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

