मूकनायक न्यूज/ मेरठ/ उत्तर प्रदेश।
मेरठ: मेरठ में प्रदर्शनकारियों के साथ हुई मारपीट के बाद चर्चा में आए SSP अविनाश पांडेय के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। SSP ने कहा कि जो लोग उनके समर्थन में हैं वो एक पेड़ लगाएं और जो उनसे नाराज हैं वो दो पेड़ लगाएं।SSP के इस बयान के बाद दलित संगठन और विपक्षी नेता भड़क गए हैं। उनका आरोप है कि SSP ने इशारों-इशारों में विरोधियों को दलित समाज से जोड़ दिया है। इससे इलाके में नाराजगी बढ़ गई है।मेरठ SSP अविनाश पांडेय ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा “मेरा कोई विरोधी नहीं है। कुछ लोग मुझसे नाराज हैं। मैं चाहता हूं वो अपनी नाराजगी को सकारात्मक काम में लगाएं और दो पेड़ लगाएं।”SSP ने आगे कहा कि संविधान “हम भारत के लोग” से शुरू होता है। इसमें कोई जाति-धर्म की बात नहीं है। जो कार्रवाई हुई है वो कानून तोड़ने वालों के खिलाफ हुई है। वर्दी की गरिमा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने अपील की कि वृक्षारोपण महोत्सव में सभी लोग हिस्सा लें। समर्थन वाले 1 पेड़ लगाएं और नाराज लोग 2 पेड़ लगाएं। गुस्से को समाज हित में इस्तेमाल करें, न कि अफवाह फैलाने में।पूर्व राज्यमंत्री मुकेश सिद्धार्थ ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट गेट पर बैठे लोगों को पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि SSP दलितों को ही अपना विरोधी मानते हैं। “पेड़ तो हम पहले से लगा रहे हैं। हमने 500 पेड़ लगाए हैं। SSP बताएं उन्होंने कितने लगाए?” आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी ने कहा कि अगर कोई अधिकारी पद का दुरुपयोग करके न्याय मांगने वालों पर हाथ उठाए तो यह गलत है। “ऐसे अफसरों की या तो ट्रेनिंग में कमी है या उनके ऊपर जातिवाद हावी है।”फिलहाल SSP के बयान के बाद मेरठ की सियासत गरमा गई है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है इस पर सभी की नजरें हैं।

